नौकरी दिलाने की वेबसाइट बनाकर लोगों से ठगी करने वाले एक गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। आरोपी ग्राहक का बैंक अकाउंट हैक कर पैसे निकाल लेते थे। कोतवाली सेक्टर-58 पुलिस ने साइबर सेल के साथ पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें तीन युवतियां भी शामिल हैं। जबकि तीन आरोपी अभी फरार हैं। इनके पास से सात मोबाइल, एक लैपटॉप बरामद किया गया है।
एसपी सिटी विनीत जायसवाल ने बताया कि पुलिस ने बृहस्पतिवार सुबह सेक्टर-62 मेट्रो स्टेशन के पास से शकरपुर, दिल्ली निवासी अमित वर्मा, द्वारका मोड़ निवासी रमित, साहिबाबाद निवासी ऋतु भारती, श्वेता गर्ग और नांगलोई, दिल्ली निवासी अन्नू पाल को गिरफ्तार किया। इन लोगों ने मिलकर एक फर्जी वेबसाइट बना रखी थी। आरोपी नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगार युवक-युवतियों को फोन करते थे। उन्हें नौकरी दिलवाने का झांसा देते थे और उन्हें एक फार्म देकर उनकी सारी डिटेल एक दिए गए मेल आईडी पर मंगा लेते थे। इसके लिए कस्टमर से 10 रुपये शुल्क लेते थे और इसका ऑनलाइन ट्रांजक्शन करा लेते थे। इसके बाद कस्टमर का अकाउंट हैक कर उसका खाता खाली कर देते थे। कोतवाली सेक्टर-58 में इस तरह के दो मामले पंजीकृत हैं।
जॉब्स फ्रॉम साइन डॉट कॉम से लेते थे डाटा
एसपी सिटी ने बताया कि ये लोग रोजाना 25 से 30 लोगों को फोन मिलाते थे। उनसे बातचीत कर उन्हें फंसाते थे। पूछताछ में पता चला कि ये लोग जॉब्स फ्रॉम साइन डॉट कॉम से युवक युवतियों का डाटा लेते थे। इस साइट पर युवक युवतियां नौकरी के लिए अपना सीवी अपलोड करते हैं। यहां से मोबाइल नंबर लेकर इस ठगी की वारदात को अंजाम दिया जा रहा था।
बदलते रहते थे ऑफिस
गिरोह में कुल आठ लोग हैं। गिरफ्तार अमित वर्मा और फरार अनुराग गिरोह के सरगना हैं। ऋतु भारती अनुराग की परिचित है। इस गिरोह में कुछ लोगों को नौकरी पर रखा गया था। ऋतु ही इंटरव्यू लेकर नौकरी पर रखती थी। अनुराग की गिरफ्तारी के बाद यह साफ होगा कि कौन कौन लोग नौकरी करते थे।