दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने बुराड़ी थाने में मामला दर्ज किया है। आरोप है कि बुराड़ी में हुए दुष्कर्म के मामले में आयोग की ओर से थाना प्रभारी को एक नोटिस जारी किया गया था जिसमें पीड़िता के नाम को सार्वजनिक कर दिया गया।
यहां तक कि एक राष्ट्रीय चैनल पर नोटिस की कॉपी को दिखाया गया था। थाना प्रभारी की शिकायत पर स्वाति मालीवाल के खिलाफ आईपीसी की धारा 228ए के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस के अनुसार, दिसंबर 2015 में बुराड़ी इलाके से एक 14 वर्षीय किशोरी को अगवा कर उसके साथ दुष्कर्म किया गया था। इस मामले की अदालत में सुनवाई चल रही थी।
पीड़िता को कोल्डड्रिंक के साथ पिला दिया था ज्वलनशील पदार्थ
पुलिस
- फोटो : प्रतीकात्मक चित्र
अगली सुनवाई से पूर्व 15 मई 2016 को किशोरी को दुबारा अगवा कर लिया गया। पीड़ित परिजनों ने बुराड़ी थाने में इसकी शिकायत की। 19 मई को पुलिस ने शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया। 26 मई को किशोरी को पुलिस ने स्वरूप नगर इलाके से सुरक्षित बरामद कर लिया।
पीड़िता के परिजनों ने मामला वापस लेने के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाते हुए आरोपी के मामा-मामी के खिलाफ पीड़िता को अगवा करने की शिकायत की।
साथ ही कहा कि आरोपी ने पीड़िता के साथ दुबारा दुष्कर्म किया। पुलिस ने इस मामले पर कोई कार्रवाई नहीं की। परिजनों के मुताबिक इसी बीच आरोपी ने 24 जून को पीड़िता को कोल्डड्रिंक के साथ ज्वलनशील पदार्थ पिला दिया।
नोटिस में महिला आयोग की ओर से सार्वजनिक किया गया नाम
स्वीती मालीवाल
- फोटो : ANI
जिसकी वजह से उसकी तबीयत खराब हो गई। पीड़िता को लोकनायक अस्पताल में भर्ती कराया गया। पीड़िता के परिजनों ने इसकी शिकायत महिला आयोग में की।
महिला आयोग ने 22 जुलाई को बुराड़ी थाना पुलिस को एक नोटिस भेजकर आरोपी को गिरफ्तार नहीं किए जाने को लेकर सफाई मांगी। इस नोटिस में महिला आयोग की ओर से पीड़िता के नाम को सार्वजनिक कर दिया गया।
साथ ही महिला आयोग की ओर से इस नोटिस को वाट्सएप ग्रुप पर भी डाल दिया। नोटिस के बाद पुलिस ने आरोपी शिवशंकर को गिरफ्तार कर लिया। लेकिन अगले ही दिन रविवार को पीड़िता ने मैक्स अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।