हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि अगर कोई गलती से अपने साथ कारतूस ले आता है, तो यह अपराध नहीं है। अदालत ने एक महिला के पास कारतूस मिलने पर उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज प्राथमिकी रद्द कर दी।
महिला के पास से एयरपोर्ट पर जांच के दौरान पांच कारतूस बरामद हुए थे। न्यायमूर्ति मुक्ता गुप्ता ने कहा कि जांच में सामने आया था कि कारतूस महिला के पति के हैं। उसके पति के पास आर्म्स लाइसेंस है, और वह हड़बड़ी में आर्टिफिशिल ज्वैलरी के साथ कारतूस ले आई थी।
कोर्ट ने महिला के इस तर्क को स्वीकार किया कि उसे इस बात की जानकारी ही नहीं थी कि उसके बैग में कारतूस हैं। अदालत ने कहा कि जांच में यह स्पष्ट हो गया कि कारतूस उसके पति के हैं और उसके पास इसके लिए लाइसेंस है। ऐसे में महिला के खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द की जाती है। कोर्ट ने निचली अदालत द्वारा महिला के खिलाफ जारी समन को भी रद्द कर दिया।