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'गलती से कारतूस ले आना अपराध नहीं, हड़बड़ी में हुई घटना'

Wed, 12 Oct 2016 12:32 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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कोर्ट - फोटो : file photo
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हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि अगर कोई गलती से अपने साथ कारतूस ले आता है, तो यह अपराध नहीं है। अदालत ने एक महिला के पास कारतूस मिलने पर उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज प्राथमिकी रद्द कर दी। 
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महिला के पास से एयरपोर्ट पर जांच के दौरान पांच कारतूस बरामद हुए थे। न्यायमूर्ति मुक्ता गुप्ता ने कहा कि जांच में सामने आया था कि कारतूस महिला के पति के हैं। उसके पति के पास आर्म्स लाइसेंस है, और वह हड़बड़ी में आर्टिफिशिल ज्वैलरी के साथ कारतूस ले आई थी।

कोर्ट ने महिला के इस तर्क को स्वीकार किया कि उसे इस बात की जानकारी ही नहीं थी कि उसके बैग में कारतूस हैं। अदालत ने कहा कि जांच में यह स्पष्ट हो गया कि कारतूस उसके पति के हैं और उसके पास इसके लिए लाइसेंस है। ऐसे में महिला के खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द की जाती है। कोर्ट ने निचली अदालत द्वारा महिला के खिलाफ जारी समन को भी रद्द कर दिया।
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जानिए क्या है पूरा मामला

कोर्ट
2015 का मामला
धनवंत कौर 2015 में दिल्ली से गोवा जा रहीं थी। एयरपोर्ट पर सिक्योरिटी जांच के दौरान उनके बैग में एक पाउच से पांच कारतूस बरामद हुए।

पूछताछ में संतोषजनक उत्तर न देने व आर्म्स लाइसेंस प्रस्तुत न करने पर पुलिस स्टेशन आइजीआई एयरपोर्ट ने उनके खिलाफ आर्म्स एक्ट सेक्शन 25 में एफआईआर दर्ज की थी।

इसके बाद पुलिस ने कोर्ट में आरोप-पत्र दायर कर दिया, जिस पर कार्रवाई करते हुए अदालत ने धनवंत को समन कर दिया। पीड़िता ने एफआईआर व समन को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी।
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