जिले से ऑन डिमांड कारें चुराकर नॉर्थ ईस्ट से लेकर नेपाल तक बेची जा रही हैं। नॉर्थ ईस्ट के कई राज्य इन चोरी के वाहनों के हब बन चुके हैं, लेकिन वाहन चोर गिरोह का ठिकाना अब मणिपुर बनता जा रहा है। मणिपुर में ही इनके नकली कागजात तैयार किए जाते हैं। इसे बाद अन्य राज्यों में वाहन खपा दिए जाते है।
पुलिस के मुताबिक, पिछले वर्ष गौतमबुद्धनगर जिले में 1964 वाहन चोरी हो चुके हैं। इनमें करीब साढ़े तीन सौ वाहन लग्जरी हैं। असम, मेघालय, सिक्किम, मिजोरम, त्रिपुरा में आईटेन, सेंट्रो व मारुति कार की सस्ते दाम पर उपलब्ध कराने की जबरदस्त मांग है। बदमाशों का नेटवर्क दिल्ली, नोएडा, मेरठ, लखनऊ, इलाहाबाद, पटना होते हुए नॉर्थ ईस्ट तक है। नेटवर्क में चोर के साथ-साथ नकली कागज तैयार करने वाले व ले जाने वाले भी होते हैं। पिछले वर्ष इस तरह के कई गैंग को पुलिस ने पकड़ा था। हालांकि, सरगना तक पुलिस नहीं पहुंच पाई है। अब नोएडा पुलिस नॉर्थ ईस्ट के राज्यों की पुलिस के संपर्क में है।
प्रोग्रामिंग से करते हैं अनलॉक
पुलिस का कहना है कि इस गिरोह के बदमाश महज दो मिनट के भीतर ही इलेक्ट्रॉनिक प्रोग्रामिंग की मदद से अनलॉक कर कार चुरा लेते हैं। इसके बाद मणिपुर से फर्जी कागजात बनवा लेते हैं।
यहां सबसे अधिक चोरी
नोएडा में एक दर्जन से अधिक सेक्टरों में वाहन चोरी की घटनाएं सबसे अधिक हैं। कोतवाली सेक्टर-24, 58, 20 में सबसे अधिक मुकदमे दर्ज होते हैं। नोएडा के सेक्टर-2,11,12,16,18,19,22,27,29,37,55,56,57,58,62,63,65, फेज टू में रोजाना वाहन चोरी की वारदातें होती हैं।
वाहन चोरी की घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस की टीमें काम कर रही हैं। वाहन चोरी करने वाले कई गिरोहों को चिह्नित किया गया है। जो चोरी के बाद दूसरे राज्यों में वाहन बेचते हैं। वाहन चोरी के ट्रेंड के आधार पर पुलिस की टीम जल्द ही इसमें शामिल गिरोहों का पर्दाफाश करेगी।
- वैभव कृष्ण, एसएसपी
2018 में वाहन चोरी
कोतवाली सेक्टर-20: 213
कोतवाली सेक्टर-24: 219
कोतवाली सेक्टर-39: 104
कोतवाली सेक्टर-49: 117
कोतवाली सेक्टर-58: 124
कोतवाली फेज टू : 131
कुल 1964