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शहर में बेमतलब हो गए हैं पिंक ऑटो, योजना पूरी तरह से धराशायी

Tue, 18 Oct 2016 12:04 AM IST
सुशील पांडेय/अमर उजाला, नोएडा
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पिंक ऑटो - फोटो : अमर उजाला
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सार्वजनिक वाहनों से यात्रा के दौरान महिलाओं को सुरक्षा दिलाने के लिए पिंक ऑटो चलाने की योजना बनाई गई। बड़े ही तामझाम के साथ इसको चलाने की घोषणा की गई। 
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लेकिन घोषणा के करीब डेढ़ साल बाद तक कोई भी ऑटो वाला रजिस्ट्रेशन कराने नहीं आया। जब आये तो महिलाओं में एक आशा जगी। लगा कि अब उनको शहर में ऑटो की सवारी के दौरान कोई दिक्कत नहीं होगी। 

लेकिन रजिस्ट्रेशन के अगले ही दिन ऑटो वाले महिला सवारी नहीं मिलने का रोना रोने लगे और पिंक ऑटो में पुरूष सवारी बैठाने लगे। बाद में काफी हो हल्ला के बाद परिवहन विभाग के प्रवर्तन दल ने गिनती के एक दिन कार्रवाई की और पिंक ऑटो फिर से उसी ढर्रे पर चलने लगे। अब न महिलाओं को किसी तरह की आशा है और न ही पिंक ऑटो की सेवा कोई स्पेशल सेवा रह गई है।
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बड़े पिंक ऑटो में बैठाते हैं आठ से दस सवारी
शहर में छोटे ऑटो वालों को पिंक ऑटो का परमिट दिया गया है। लेकिन यहां बड़े ऑटो वालों ने गुलाबी रंग में रंगाकर ऑटो चलाना शुरू कर दिया है। 
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महिला स्पेशल ऑटो बनी सामान्य ऑटो

pink auto - फोटो : pink auto
हालांकि परिवहन विभाग के अधिकारियों की मानें तो इसमें तीन सवारी तक की अनुमति है। लेकिन अगर इससे ज्यादा सवारी बैठाते हैं तो विभाग कार्रवाई करेगा। अमूमन देखने में आता है कि ऐसे बड़े पिंक ऑटो में आठ से दस सवारी बैठे होते हैं, जिनमें महिला और पुरूष दोनों शामिल होते हैं।

न इधर के रहे न उधर के
कुछ पिंक ऑटो के चालकों का कहना है कि इस सेवा को चलाकर हम न इधर के रहे और न उधर के। उनका कहना है कि महिलाएं उनके ऑटो में नहीं आती हैं और पुरूष पिंक ऑटो को देखकर दूर से ही आगे निकल जाते हैं। ऐसे में उनका खर्च कैसे पूरा हो पाएगा। यह कहना मुश्किल है।

स्टैंड पर भी नहीं होते खड़े
मेट्रो स्टेशन पर मौजूद कुछ महिला सवारियों का कहना है कि पिंक ऑटो के लिए जगह निर्धारित किए गए थे। लेकिन नोएडा में यह कहीं निर्धारित जगह पर खड़े नहीं होते। ऐसे में इनको ढूंढना मुश्किल होता है। दरअसल, परिवहन विभाग ने ग्रेटर नोएडा में तीन और नोएडा में नौ स्थानों पर पिंक ऑटो के स्टैंड निर्धारित किए थे। 

इसमें नोएडा के सभी मेट्रो स्टेशनों के अलावा जीआईपी, सेक्टर-18, 62 शामिल हैं। अगर यह निर्धारित स्थानों पर खड़े हों तो वहां सवारियां मिल सकती हैं। लेकिन ऐसा नहीं किया जाता।
 
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