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फरीदाबाद की सुरक्षा राम भरोसे, प्रशासन का रवैया लचर

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आलीशान लघु सचिवालय में जिला उपायुक्त सहित कई विभागों के प्रमुख बैठते हैं। जिनसे मिलने एवं अपना काम करवाने रोजाना हजारों लोग आते हैं। ऐसे में कोई असमाजिक तत्व अंदर कोई हथियार या विस्फोटक न ले जा पाए इसके लिए सचिवालय के मुख्य द्वार पर डीएफएमडी (डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर) लगवाया गया था।
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लेकिन अब उसे हटा दिया गया है। उसके पास बैठने वाले पुलिसकर्मी भी नहीं हैं। इसलिए कोई भी कुछ भी लेकर अंदर जा सकता है। उसे रोक पाना प्रशासन के लिए मुश्किल होगा। यही हाल एसडीएम कार्यालय का भी है। वहां भी एंट्री गेट पर मेटल डिटेक्टर नहीं है।

जिला प्रशासन ने किया सुरक्षा के साथ समझौता

बात-बात के लिए शहर के लोगों को नसीहत और नोटिस देने वाले जिला प्रशासन में दीया तले अंधेरा है। लघु सचिवालय इस समय राम भरोसे है। यहां इस समय न तो अपराधिक तत्वों को रोकने का कोई इंतजाम है और न ही अग्नि सुरक्षा के लिए सही संसाधन। कोई भी बेरोकटोक आ-जा सकता है। जबकि लघु सचिवालय के साथ लगे कोर्ट परिसर में दिनदहाड़े हमला हो चुका है।

उसके बाद तात्कालीन जिला उपायुक्त बलराज सिंह मोर ने एक आदेश जारी करके कहा था कि सरकारी कार्यालयों में कोई अस्त्र-शस्त्र लेकर नहीं जाएगा। ऐसा करने पर उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। लेकिन सबसे ज्यादा लचर व्यवस्था लघु सचिवालय में ही दिखाई दे रही है। पुलिस वालों को जहां तैनात रहना चाहिए वहां नहीं रहते।

ऐसे में यहां कोई बड़ा हादसा या हमला होने पर आम आदमी की सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं है। लघु सचिवालय परिसर का मुआयना करने पर ऐसा लगता है कि प्रशासन ने यहां आने वाले लोगों की सुरक्षा के साथ समझौता कर लिया है।

एक्सपायरी डेट के हैं अग्नि सुरक्षा उपकरण

लघु सचिवालय में लगे फायर फाइटिंग उपकरण एक्सपायर हो गए हैं। सितंबर 2013 के बाद इसे रिफिल नहीं करवाया गया है। जबकि इसी वजह से फैक्ट्रियों, शोरूमों, मॉल्स एवं सिनेमा हॉलों को अधिकारी नोटिस देते हैं।

एक्सपायरी डेट के बाद अंदर का मैटीरियल आग बुझाने का काम पूरी तरह से नहीं करता। हौज पाइप के लगभग सारे बॉक्स कबाड़ हो गए हैं। उनमें रखी पाइप या तो सड़ गई हैं या फिर है ही नहीं। ऐसे में आग लगने पर तमाशा देखने के सिवाय कोई काम नहीं होगा।
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गांवों में चलाते हैं स्वच्छता अभियान और यहां....

जिला प्रशासन के सहयोग से साफ-सुथरा रहने वाले गांवों को निर्मल गांव का पुरस्कार मिलता है। प्रशासन स्वच्छता अभियान चलाता है।

लेकिन लघु सचिवालय के अंदर जाकर देखिए तो पता चलेगा कि अधिकारी अभी अपने आसपास की गंदगी नहीं देखते। लगभग हर तल पर टॉयलेट का बुरा हाल है। उसकी सफाई शायद महीनों से हुई ही नहीं।
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