जाम की समस्या से जूझ रहे शहर के शॉपिंग हब सेक्टर-18 को कार फ्री जोन बनाया जाएगा। पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण एवं संरक्षण प्राधिकरण (ईपीसीए) के चेयरमैन भूरे लाल ने शनिवार को नोएडा का दौरा किया।
बढ़ते प्रदूषण से निपटने के लिए उन्होंने बाजार को कार फ्री जोन बनाकर पैदल चलने वालों की सहूलियत के लिए व्यवस्था करने की हिदायत अधिकारियों को दी। इससे पहले ईपीसीए चेयरमैन ने सेक्टर-70 व 74 सहित डस्ट फ्री जोन बनाए गए सेक्टरों का दौरा भी किया।
दरअसल, पार्किंग शुल्क को लेकर नोएडा प्राधिकरण और व्यापारियों के बीच लंबे समय तक चली तकरार का कोई नतीजा नहीं निकला। कार फ्री जोन बनाए जाने के बाद बाजार की सड़कों से सरफेस पार्किंग खत्म हो सकती है।
ईपीसीए चेयरमैन ने भी मल्टीलेवल कार पार्किंग के ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल पर जोर दिया, ताकि बाजार में शॉपिंग या घूमने-फिरने के लिए आने वाले लोगों को पैदल चलने में कोई दिक्कत न हो।
एनसीआर में पहले डस्ट फ्री जोन का दावा
हालांकि, मार्केट एसोसिएशन का कहना है कि इससे संबंधित कोई भी फैसला लेने से पहले प्राधिकरण व्यापारियों का सुझाव अवश्य लें। एसोसिएशन के अध्यक्ष एसके जैन ने बताया कि मल्टीलेवल कार पार्किंग से बाजार को जोड़ने के लिए स्काई वॉक बनाया जाए, पार्किंग की दरें प्रति घंटे के हिसाब से तय न कर पूरे दिन के लिए तय की जाएं।
बाजार में कुछ ऐसे पॉकेट बनाए जाएं, जहां वाहन खड़े करने की मंजूरी हो। इसके अलावा ई-रिक्शा की फ्री सेवा दी जाए। नोएडा पहुंचने पर ईपीसीए चेयरमैन ने सबसे पहले सेक्टर-74 का दौरा किया। डस्ट फ्री जोन बनाकर नोएडा की सड़कों को धूल मुक्त बनाने के प्रयास की उन्होंने सराहना की।
नोएडा प्राधिकरण के महाप्रबंधक राजीव त्यागी ने बताया कि डस्ट फ्री जोन बनाए जाने संबंधित एनसीआर का पहला शहर नोएडा है। पहले चरण में 375 किलोमीटर सड़कों को डस्ट फ्री बनाया जाना है, जिसमें सेक्टर-74, 75, 78, 82, हौजरी कांप्लेक्स व फेस-2 में 42 किलोमीटर में इस काम को पूरा कर दिया गया है। इसके लिए सड़कों के दोनों तरफ घास लगाई जा रही है।