दक्षिणी दिल्ली नगर निगम में नजफगढ़ जोन के उपायुक्त एससी यादव की मंगलवार की सुबह यमुना एक्सप्रेस वे पर सड़क हादसे में मौत हो गई। सुरीर कोतवाली क्षेत्र में उनकी कार डिवाइडर से टकराकर पलट गई। इस हादसे में यादव व उनकी साली के नाती की मृत्यु हो गई, जबकि उनकी पत्नी व साली की बेटी गंभीर रूप से घायल हो गई हैं। दुर्घटना के वक्त कार 152 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ रही थी।
साउथ एक्स स्थित नगर निगम कालोनी में रहने वाले एससी यादव (59) मंगलवार सुबह पत्नी पुष्पा (56) व परिवार की शिल्पी (24) और चार साल के दीपांशु के साथ स्विफ्ट डिजायर कार से आगरा जा रहे थे। सुबह सात बजे यमुना एक्सप्रेसवे पर गांव लमतौरी के निकट दूसरे वाहन को ओवरटेक करते वक्त कार डिवाइडर से टकराकर पलट गई।
हादसे में कार सवार सभी लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी को नोएडा अस्पताल भेजा गया। यहां उपचार के दौरान यादव व दीपांशु की मौत हो गई। शिल्पी की हालत गंभीर बनी हुई है।
उनकी मृत्यु होने की खबर कुछ ही समय में नगर निगम मुख्यालय व उसके जोनल कार्यालयों में पहुंच गई। सभी उनकी अच्छाइयों की चर्चा करते नजर आए। वह उच्च अधिकारी होने के बावजूद एक साधारण व्यक्ति की तरह रहते थे। सभी से मिलते थे और उनके सुख-दुख के बारे में जानते थे। एससी यादव का बुधवार की सुबह साढ़े 10 बजे लोधी रोड स्थित श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार किया जाएगा।
हादसे पर महापौर ने व्यक्त की संवेदना
यादव इसी माह 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त होने वाले थे। उन्होंने नगर निगम में संयुक्त कर निर्धारक एवं समाहर्ता, मुख्य श्रम कल्याण अधिकारी, अतिरिक्त उपायुक्त (राजभाषा विभाग) और वर्तमान में नजफगढ़ क्षेत्र के उपायुक्त जैसे बड़े पदों पर रहकर सेवाएं दीं। वह एक अच्छे कवि के रूप में भी जाने जाते थे।
महापौर खुशी राम ने गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि वह बहुत ही प्रतिभावान व्यक्तित्व थे, नगर निगम को हमेशा उनकी कमी खलेगी। स्थायी समिति के अध्यक्ष सुभाष आर्य ने कहा कि वे हंसमुख इंसान थे, उनका सादगी भरा जीवन और प्रतिभाशाली व्यक्तित्व हमेशा लोगों के लिए प्रेरणा बना रहेगा।
सदन के नेता राधे श्याम शर्मा ने कहा कि उनका सरल व्यक्तित्व अविस्मरणीय है। नगर निगम ने उनके रूप में एक सक्षम अधिकारी को खो दिया है। वहीं विपक्ष के नेता फरहाद सूरी ने कहा कि वह जितने बेहतर इंसान थे उतने ही बेहतर एक कवि थे। उनके देहांत से नगर निगम को काफी क्षति हुई है। निगम आयुक्त मनीष गुप्ता ने कहा कि उन्होंने अपने सरल स्वभाव के सक्षम अधिकारी को खोया है यह निगम की एक अपूरणीय क्षति है।
यमुना एक्सप्रेसवे पर यादव की कार बहुत तेज दौड़ रही थी। एक्सप्रेसवे के सूत्रों के अनुसार, इंटरसेप्टर कैमरों ने उनकी कार की गति 152 किलोमीटर प्रति घंटा बताई है। सब इंस्पेक्टर मवासी लाल ने बताया कि उनकी कार में महिलाओं के दो पर्स में नकदी और जेवर थे। एक बैग में दस लाख कैश था। पूरे सामान को यमुना एक्सप्रेसवे की टीम संग वीडियोग्राफी कराने के बाद टोल प्लाजा के सीसीएम मैनेजर को सौंप दिया गया है।