सभी राजनीतिक दलों के प्रत्याशी और समर्थक ध्यान दें, किसी भी मतदाता को न तो रिश्वत देने का प्रयास करें और न ही इसके लिए किसी को प्रलोभन दें।
ऐसे लोगों पर चुनाव आयोग कड़ी नजर रखे हुए है। ऐेसा करने वालों के खिलाफ आयोग कड़ी कार्रवाई कर सकता है। इसमें कारावास और जुर्माना दोनों का प्राविधान है।
भारत निर्वाचन आयोग ने सभी राजनीतिक दलों के प्रत्याशियों के मार्गदर्शन के लिए जारी की गई आदर्श आचरण संहिता में इस बात का साफ तौर पर उल्लेख किया है।
इसमें कहा गया है कि सभी दलों और प्रत्याशियों को ऐसे सभी कार्यों से ईमानदारी से बचना चाहिए जोकि निर्वाचन विधि के अधीन भ्रष्ट आचरण और अपराध हैं। इसमें मतदाताओं को रिश्वत देना, उनको डराना, धमकाना संज्ञेय अपराध की श्रेणी में रखा गया है।
मतदान केंद्र के 100 मीटर के दायरे में कोई भी प्रत्याशी या उसका समर्थक अपने पक्ष में मतदान करने के लिए किसी भी मतदाता से मिन्नत भी नहीं करेगा। मतगणना के पश्चात कोई विजय जुलूस, भोज और नारेबाजी प्रतिबंधित कर दी गई है।
बेअसर हुए रसूखदार
चुनावी आचार संहिता लगने के साथ ही ‘असरदारों’ का रसूख बेअसर हो गया है। चुनावी नतीजे घोषित होने तक प्रशासनिक अधिकारी किसी भी पार्टी या उसके पदाधिकारी को ‘विशेष सुविधाएं’ उपलब्ध नहीं करा पाएंगे।