खतरनाक बीमारी कैंसर के इलाज के लिए अब एम्स में नई तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। इस नई तकनीक से सर्जरी करके शरीर से कैंसर का ट्यूमर निकालने के बाद एक बार में ही मरीज को दी जाने वाली कीमोथेरेपी की डोज पूरी कर ली जाती है।
इसके बाद उसे बार-बार कीमोथेरेपी की जरूरत नहीं पड़ती। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान(एम्स) देश का पहला सरकारी चिकित्सीय संस्थान है जहां इस तकनीक से मरीजों के इलाज की सुविधा शुरू की हुई है।
हालांकि सभी तरह के कैंसर में इस तकनीक का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है। इस तकनीक में मरीज के शरीर से कैंसर का ट्यूमर निकालने के बाद उसी समय हाइपरथेमिक इंटरपेरिटोनियल कीमोथेरेपी दी जाती है।