सूबे की सत्ता बदलने से इस बार यूपी बोर्ड की हाईस्कूल, इंटरमीडिएट परीक्षा का स्वरूप बदला बदला नजर आ सकता है। जिले में परीक्षाओं के दौरान खासी कड़ाई बरती जा सकती है।
अधिकारी नकल मुक्त परीक्षा कराने का खाका तैयार करने में जुटे हैं। नकलचियों व नकल माफिया पर प्रशासन, पुलिस व शिक्षा विभाग के अलावा एलआईयू (लोकल इंटेलिजेंस यूनिट) समेत अन्य गुप्तचर भी पैनी नजर रखेंगे।
गुप्तचर कोई और नहीं परीक्षा केंद्रों के आसपास के दुकानदार व स्थानीय लोग होंगे। स्वयंसेवी लोगों से भी सूचना ली जाएगी। यूपी बोर्ड हाईस्कूल व इंटरमीडिएट परीक्षा को लेकर काफी बदनाम रहा है।
विधानसभा चुनाव में प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस मसले को प्रमुखता से उठाया था। इसी के चलते अधिकारी परीक्षा को नकल मुक्त कराने में पूरा जोर लगा रहे हैं। बोर्ड परीक्षा कराने के लिए इलाहाबाद से संयुक्त निदेशक की टीम भी जिले में पहुंच गई है।
बोर्ड परीक्षा को 20 सेक्टर में विभाजित किया गया है। परीक्षा के दौरान पांच सचल दल, आठ जोनल मजिस्ट्रेट तैनात रहेंगे। 51 परीक्षा केंद्रों पर 34,957 परीक्षार्थी बैठ रहे हैं।
हिंदी का होगा पहला पेपर
हाईस्कूल परीक्षा में प्रारंभिक हिंदी की बृहस्पतिवार सुबह पहली पाली (7.30 से 10.45) की परीक्षा होगी। वहीं, इंटरमीडिएट में सुबह की पाली (7.30 से 10.45 बजे) में मिलेट्री साइंस का पेपर होगा। जबकि दूसरी पाली (दोपहर 2 बजे से 5.15) के दौरान होगा।
बोर्ड परीक्षा को नकल मुक्त कराने की पूरी तैयारी की गई है। अधिकारी हो या कर्मचारी जो लापरवाही बरतेगा उसके खिलाफ तत्काल कड़ी कार्रवाई होगी।
- भीम सिंह, जिलाविद्यालय निरीक्षक