नियम 134ए के तहत गरीब परिवार के बच्चों को दाखिला न मिलने से अभिभावक परेशान हैं। अभिभावकों का आरोप है कि शिक्षा विभाग की लिखित परीक्षा में पास होने के बाद भी निजी स्कूल उन्हें चक्कर कटवा रहे हैं और उनके पास कोई सूचना न होने का बहाना बना रहे हैं। इससे परेशान फरीदाबाद व बल्लभगढ़ के अभिभावकों ने रविवार को मिशन तालीम संस्था से गुहार लगाई।
किसान मजदूर कॉलोनी में हुई एक बैठक में मिशन तालीम संस्था के इकरामुल हक ने बताया कि बैठक में अभिभावकों ने लिखित शिकायत दी है, जिसे संस्था की ओर से उपायुक्त को सौंपा जाएगा। उन्होंने बताया कि संस्था गरीब अभिभावकों के पक्ष में हाईकोर्ट तक गुहार लगाने पर विचार कर रही है।
बैठक में मौजूद फतेहपुर चंदीला गांव के कन्हैया ने बताया कि उनके बच्चे ने नियम 134ए के तहत होने वाली परीक्षा पास की है, जिसके बाद उसका नाम गोल्ड फील्ड स्कूल में दाखिले को आया है। लेकिन जब वे स्कूल में गए तो यह कहकर टाल दिया गया कि सरकार या शिक्षा विभाग की ओर से उनके पास दाखिला देने के संबंध में कोई सूचना नहीं आई।
इसी प्रकार किसान मजदूर कॉलोनी निवासी दिनेश कुमार, सतीश और गीता आदि ने आरोप लगाया कि उनके बच्चों को परीक्षा पास करने के बाद भी दाखिला नहीं मिल रहा है। मिशन तालीम संस्था का कहना है कि कुछ ही स्कूल हैं जो गरीब बच्चों को दाखिला देने में सकारात्मक रुख दिखा रहे हैं, लेकिन अधिकांश उन्हें चक्कर कटवा रहे हैं। संस्था की मांग है कि इस नियम के तहत दाखिले के लिए मूल निवास प्रमाण पत्र की बाध्यता को हटाया जाए। इससे कई अभिभावकों को परेशानी हो रही है।