देशभर के निजी मेडिकल कॉलेजों में पैसे के दम पर दाखिला देने के विरोध में आवाज उठाने वाले प्रोजेक्ट क्लीन के संयोजक सुरेंद्र सिंह हुड्डा ने यूजीसी के फैसले का स्वागत किया है।
यूजीसी के फैसले से अब निजी मेडिकल कॉलेज या डीम्ड यूनिवर्सिटी में पैसे के खेल से दाखिले बंद हो जाएंगे। हुड्डा के मुताबिक, देशभर में 57 हजार के करीब एमबीबीएस की सीट हैं, जिसमें आधी संख्या निजी या डीम्ड यूनिवर्सिटी के पास है।
यूजीसी ने डीम्ड यूनिवर्सिटी को भी नीट के माध्यम से दाखिला प्रवेश परीक्षा के दायरे में ले लिया है, इससे अब प्रवेश परीक्षा की धांधली ही नहीं रुकेगी, बल्कि काउंसिलिंग में पैसे से मेरिट में नाम आना भी बंद हो जाएगा।