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शिक्षकों के प्रमाण-पत्र व दस्तावेज वापस न करने पर संस्थानों के खिलाफ होगी कार्रवाईः यूजीसी

Sat, 15 Aug 2020 04:38 PM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

- विश्वविद्यालय अनुदान आयोग उच्च शिक्षण संस्थानों के रवैये से सख्त नाराज

- कई संस्थान शिक्षकों के नौकरी छोड़ने के बाद भी नहीं लौटाते हैं सर्टिफिकेट
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यूजीसी - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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शिक्षकों के दस्तावेज और सर्टिफिकेट न लौटाने पर उच्च शिक्षण संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई होगी। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग(यूजीसी) संस्थानों द्वारा शिक्षकों के सर्टिफिकेट न लौटाने के रवैये से सख्त नाराज है। कई संस्थान शिक्षकों के  नौकरी छोड़ने के बाद भी सर्टिफिकेट नहीं लौटाते हैं। जबकि सर्टिफिकेट जांच के बाद लौटाने अनिवार्य है।

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विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के सचिव प्रो. रजनीश जैन की ओर से राज्यों और सभी विश्वविद्यालयों को इस संबंध में पत्र लिखा है। इसमें लिखा है कि आयोग को जानकारी मिली है कि कई संस्थान शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाण-पत्र समेत अन्य दस्तावेज की मूल कॉपी(ओरिजनल) रख लेते हैं। जबकि इस प्रकार मूल दस्तावेज को संस्थान नहीं रख सकते हैं। कई शिक्षकों की नौकरी छोडऩे के बाद भी उनके मूल दस्तावेज वापस नहीं किए जाते हैं।

शिक्षकों को मूल दस्तावेज न मिलने के चलते अगली नौकरी तलाशने में बेहद दिक्कत आती है। खासकर कांट्रेक्ट पर काम कर रहे शिक्षकों को। शैक्षिक प्रमाण-पत्र समय पर न मिल पाने के कारण वे नौकरी या बेहतर विकल्प का लाभ भी नहीं उठा पाते हैं। क्योंकि शिक्षकों को कहा जाता है कि उनके मूल प्रमाण-पत्र संस्थान के पास ही रहेंगे।
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इसलिए आयोग ने संस्थानों को यह आदेश दिया है कि कोई भी नियुक्त का आवेदन निकालने के दौरान उन्हें दस्तावेज और प्रमाण-पत्र को लेकर भी सही जानकारी देनी जरूरी है। शिक्षकों के प्रमाण-पत्र की मूल कॉपी की बजाय वे फोटो कॉपी रख सकते हैं।

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