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यूजीसी की नई गाइडलाइन, अब ओए बिहारी या हरियाणवी कहना पड़ेगा भारी

Sat, 23 Jul 2016 01:44 AM IST
शाहनवाज आलम/अमर उजाला, गुड़गांव
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रै‌‌गिंग - फोटो : Demo Pic
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कॉलेजों में सीनियर विद्यार्थियों को इस बार ज्यादा सचेत रहने की जरूरत है। क्योंकि जाति या क्षेत्र के नाम पर किसी छात्र को पुकारना  रैगिंग और मान-सम्मान को ठेस पहुंचाने के दायरे में आएगा।
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ऐसे में अगर किसी जूनियर विद्यार्थी ने इसकी शिकायत एंटी रैगिंग कमेटी के पास कर दी, तो सीनियर विद्यार्थी के कॅरियर पर रैगिंग करने का दाग लग जाएगा।

दरअसल, प्रदेश के सरकारी कॉलेजों में स्नातक का नया सत्र शुरू हो चुका है। कक्षाएं शुरू होने के साथ कॉलेजों में कोई अप्रिय घटना न हो, इसके लिए महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी (एमडीयू) प्रशासन सचेत दिख रहा है।

सरनेम से भी मजाक रैगिंग की श्रेणी में

रैगिंग
यूनिवर्सिटी ने कॉलेज प्रिंसिपलों को पत्र लिखकर एंटी रैगिंग कमेटी का गठन करने और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा जारी नई गाइडलाइन का पालन करने का निर्देश दिया है। रैगिंग होने की सूरत में कॉलेज के विभागाध्यक्ष और प्रिंसिपल पर भी कार्रवाई की जा सकती है।

यूजीसी ने एंटी रैगिंग नियम में कुछ नया प्रावधान जोड़ा है। कॉलेजों और यूनिवर्सिटी में रैगिंग रोकने के लिए यूजीसी ने विद्यार्थी के उपनाम (सरनेम),  को लेकर मजाक करने को भी रैगिंग की श्रेणी में डाला है।

यानी इस सत्र में किसी के सरनेम को लेकर मजाक उड़ाने पर वरिष्ठ छात्रों को इसकी सजा भुगतनी पड़ सकती है। इसके लिए पीड़ित विद्यार्थी को एंटी रैगिंग कमेटी और कॉलेज के विभागाध्यक्ष व प्रिंसिपल से इसकी शिकायत करनी होगी। जिसके बाद विद्यार्थी के खिलाफ एंटी रैगिंग कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।
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प्रिंसिपल ने नहीं की कार्रवाई तो उनपर होगी कार्रवाई

बता दें कि कई बार कॉलेज में नए छात्रों को प्रदेश के नाम से चिढ़ाया जाता है मसलन ओए बिहारी, जाट या गुर्जर से पुकारा जाता है तो वह रैगिंग के दायरे में आएगी। जूनियर विद्यार्थी को इसे साबित भी करना होगा।

इस तरह अगर कोई रैगिंग करता है और उसकी शिकायत के बाद प्रिंसिपल एवं विभागाध्यक्ष द्वारा कदम नहीं उठाया जाता है तो यूजीसी उन पर कार्रवाई करेगा। एमडीयू के रजिस्ट्रार ने बताया कि एंटी रैगिंग रेगुलेशन में नए प्रावधानों को जोड़ने संबंधी पत्र यूजीसी ने कॉलेजों एवं विश्वविद्यालयों को भेजा है।

इसे लेकर पहले भी कॉलेजों को सूचना भेजी गई है। नए सत्र शुरू होने से पहले फिर से यूनिवर्सिटी ने छात्रों के हित को देखते हुए निर्देश भेजा है। रैगिंग की शिकायत के बाद तुरंत इसे रोकने की दिशा में कदम उठाना होगा।
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