विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी)की दोनों कमेटी ने सरकार को सुझाव दिया है कि कोरोना के चलते देशभर की जनरल यूनिवर्सिटी में ऑनलाइन आवेदन से अकेडमिक सत्र 2020 में दाखिले करवाए जाए। कमेटी ने एक राष्ट्रीय या फिर प्रदेश स्तर की प्रवेश परीक्षा आयोजित करके बीए, बीकॉम, बीएससी जैसे प्रोग्राम मे दाखिले करवाने की सिफारिश की है। कमेटी ने कोरोना हालात ठीक होने तक शिक्षण संस्थान बंद रखने की बात कही है।
यूजीसी कमीशन की दोनों कमेटी के इन सभी सुझावों पर सोमवार को बैठक आयोजित हुई। बैठक में कमेटी रिपोर्ट के आधार पर कमीशन सदस्यों ने नए सुझाव भी दिए हैं।
यूजीसी अब इन सुझावों की रिपोर्ट बनाकर मंगलवार को मानव संसाधन विकास मंत्रालय को देगी। इसके बाद 30 अप्रैल या उसके बाद देश के सभी उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए गाइडलाइन जारी हो जाएगी।
हालांकि ग्रीन जोन वाले इलाकों के शिक्षण संस्थानों को खोलने की अनुमति देने की बात की है। जहां पर कोरोना केस नहीं है, वहां वार्षिक परीक्षा से लेकर अगले अकेडमिक सेशन में दाखिले की तैयारी शुरू की जा सकती है । देश के अन्य शहरों या जिलों में जहां रेड और ओरेंज जोन है, वहां कोरोना हालात ठीक होने का इंतजार करने की भी सलाह दी गई है।
इसमें शिक्षण संस्थानों को फैसला लेने से पहले संबंधित राज्य सरकार व स्थानीय प्रशासन से भी मंजूरी लेनी होगी। अकादमिक सत्र सितंबर के दूसरे हफ्ते में शुरू होने की संभावना है।
एक प्रवेश परीक्षा और एक आवेदन पत्र से हों दाखिले:
सूत्रों के मुताबिक, कमेटी ने सुझाव दिया है कि देश के कई विश्वविद्यालय अलग-अलग प्रवेश परीक्षा से दाखिले लेते हैं। इसकी बजाय एक प्रवेश परीक्षा से दाखिले हों। इसके अलावा एक ऑनलाइन दाखिला आवेदन पत्र से सभी विश्वविद्यालयों में दाखिले की भी सिफारिश की गई है। हालांकि सरकार यूनिवर्सिटी ओर उच्च शिक्षण संस्थानों को सभी फैसले लेने का अधिकार देगी।
इससे पहले मंत्रालय ने 2021 में एक आवेदन से दाखिले की बात रखी थी, जिसे राज्यों ने नहीं माना था। फिलहाल अभी 18 यूनिवर्सिटी एक प्रवेश परीक्षा से दाखिले करवाते है। इसमें 14 सेंट्रल ओर 4 स्टेट यूनिवर्सिटी शामिल है।