राज्यों के विरोध के बीच 194 विश्वविद्यालयों ने अंतिम वर्ष के छात्रों की परीक्षा आयोजित करवा ली है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग(यूजीसी) ने देश के सभी 993 विश्वविद्यालयों से परीक्षा को लेकर स्टेटस रिपोर्ट मांगी थी। इसी के तहत 755 विश्वविद्यालयों ने अभी तक अपना जवाब भेजा है। अधिकतर विश्वविद्यालय यूजीसी की 6 जुलाई को संशोधित गाइडलाइन के तहत ही परीक्षा करवाने की तैयारी में है।
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यूजीसी के सचिव प्रो. रजनीश जैन के मुताबिक, इस महामारी से छात्रों को बचाना जरूरी है। हालांकि उनके व्यापक हित और भविष्य को देखते हुए परीक्षा का फैसला लेना पड़ा है। दरअसल दुनियाभर के अधिकतर विश्वविद्यालय लिखित परीक्षा के आधार डिग्री दे रहे हैं।
परीक्षा को लेकर विश्वविद्यालयों की स्टेटस रिपोर्ट मांगी गई थी। इसमें से 755 विश्वविद्यालय प्रशासन ने अपना जवाब भेजा है । इसमें 120 डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी, 274 प्राइवेट यूनिवर्सिटी, 40 सेंट्रल यूनिवर्सिटी व 321 स्टेट यूनिवर्सिटी शामिल हैं।
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इससे पता चलता है कि देश के कई विश्वविद्यालयों ने या तो परीक्षाएं करवा ली हैं या प्रक्रिया चल रही है। हमने सभी राज्यों से 30 सितंबर तक परीक्षा अनिवार्य रूप से करवाने को कहा है। इसके लिए तीन विकल्प दिए गए हैं। इसमें ऑनलाइन, ऑफलाइन या मिश्रित मोड शामिल है।
ये हैं आकंड़े
- 194 विश्विद्यालयों ने अंतिम वर्ष की परीक्षा करवाकर रिजल्ट जारी कर चुके हैं या करने वाले हैं।
- 366 विश्वविद्यालय यूजीसी की गाइडलाइन के तहत (ऑनलाइन, ऑफलाइन या मिश्रित मोड) से अगस्त या सितंबर में करवाने की तैयारी कर रहे हैं।
- शैक्षणिक सत्र 2019-20 में 27 नए विश्वविद्यालयों को मान्यता मिली थी। इसके तहत 2020 सत्र से नया बैच शुरू होगा।