आईआईटी दिल्ली, आईआईटी मुंबई, आईआईएससी बंगलूरू, जियो इंस्टीट्यूट ऑफ रिलायंस फाउंडेशन, बिट्स पिलानी और मनीपाल इंस्टीट्यूट को उत्कृष्ट संस्थान (इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस) का दर्जा दिया गया है। यूजीसी काउंसिल की बैठक में इन संस्थानों को यह दर्जा इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस डीम्ड-टू बी यूनिवर्सिटी रेगुलेशन-2017 के तहत दिया गया।
इसमें तीन सरकारी व तीन निजी संस्थान शामिल हैं। खास बात यह है कि आईआईटी दिल्ली, आईआईटी मुंबई व आईआईएससी बंगलूरू को इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने को पांच साल में एक हजार करोड़ रुपये की ग्रांट भी दी जाएगी।
यूजीसी काउंसिल की सोमवार को हुई बैठक में इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस डीम्ड-टू बी यूनिवर्सिटी रेगुलेशन 2017 और डीम्ड-टू बी यूनिवर्सिटी रेगुलेशन 2018 का ड्राफ्ट पास किया गया। दुनिया के सर्वश्रेष्ठ शिक्षण संस्थानों में भारतीय संस्थानों को शामिल करने के लिए सरकार को इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस के तहत दस सरकारी व दस निजी संस्थान चुनने थे, लेकिन पहले चरण में छह नाम ही चयनित हुए हैं।
जियो रिलायंस ग्रीन फील्ड वर्ग से टॉप छह में
रिलायंस फाउंडेशन का जियो इंस्टीट्यूट ग्रीन फील्ड वर्ग केे तहत उत्कृष्ट संस्थान की रेस में शामिल हुआ है। यह इंस्टीट्यूट अभी कागजों में है। अगले तीन साल में इंस्टीट्यूट को अपना सेटअप तैयार कर दुनिया के सर्वश्रेष्ठ शिक्षण संस्थानों को टक्कर देनी होगी। यह इंस्टीट्यूट नवी मुंबई में स्थापित किया जाएगा, जहां पढ़ाई के साथ रिसर्च पर फोकस किया जाएगा।
दुनिया के सौ सर्वश्रेष्ठ संस्थानों में होंगे शुमार
केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडे़कर ने कहा कि चुने गए उत्कृष्ट संस्थान अब दुनिया के सर्वश्रेष्ठ सौ शिक्षण संस्थानों को टक्कर देंगे। सरकारी तीनों संस्थानों को इंफ्रास्ट्रक्चर सुधारने के लिए केंद्र सरकार की ओर से विशेष ग्रांट भी मिलेगी।