धमकी व तनाव के चलते हमने अपनी सेशनल परीक्षा छोड़ दी है। जबकि यह परीक्षा न देने पर विश्वविद्यालय प्रबंधन अगले सेमेस्टर हमें कैंपस से बाहर कर सकता है। छात्रसंघ व नजीब के परिवारों के आरोपों के चलते हमारे परिवार सदमे हैं और हम पर पढ़ाई छोड़ घर लौटने का दबाव बनाया जा रहा है।
यदि कल हमारे साथ कोई हादसा हो जाता है तो इसका कारण जेएनयू छात्रसंघ व जेएनयू शिक्षक यूनियन होगी। क्योंकि कैंपस, हॉस्टल व क्लासरूम में छात्र व शिक्षक हमें लगातार धमकी व परेशान कर रहे हैं।
जेएनयू कैंपस में लापता नजीब से मारपीट के आरोपी तीन छात्र विक्रांत, अंकित व सुुनील ने संयुक्त प्रेस वार्ता में वामपंथी छात्रों व शिक्षकों पर मानसिक तनाव देने का आरोप लगाते हुए जान को खतरा बताया है।
जौनपुर (उत्तर प्रदेश ) निवासी सुनील, सीतामड़ी निवासी विक्रांत व औरंगाबाद के अंकित बीए रशियन प्रोग्राम में तीसरे वर्ष के छात्र हैं और माही मांडवी हॉस्टल में रहते हैं। तीनों छात्रों की इन दिनों सेशनल परीक्षा (साल में तीन सेशनल परीक्षा) चल रही है और परीक्षा में पास होना अनिवार्य होता है।