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स्कूल में नहीं है बिजली-पानी की सुविधा , बच्चे और स्टाफ परेशान

Tue, 23 Aug 2016 12:28 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव
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स्‍कूल - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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करोड़ो की लागत से बने नवनिर्मित आरोही मॉडल स्कूल में बच्चों के लिए पीने के पानी की सुविधा उपलब्ध नहीं है। इस समस्या के कारण छात्र-छात्राओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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प्यास बुझाने के लिए बच्चों को स्कूल से बाहर जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। शिक्षा विभाग जानकार भी अनजान बना हुआ है। बच्चों के अभिभावक विभाग के अधिकारियों से समस्या के समाधान की फरियाद कर चुके है। इसके बावजूद भी समस्या का हल नहीं हो पा रहा है। 

आरोही मॉडल स्कूल में सुविधाओं का भारी अभाव है। स्कूल में खेल मैदान, प्रयाप्त शिक्षकों का होना तो बहुत दूर स्कूल में बिजली-पानी की सुविधा तक नहीं है। इस समस्या के कारण स्कूल के बच्चें व स्टाफ बेहद परेशान 
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बच्चे पीने के पानी के लिए स्कूल से बाहर बने ढाबो व मिल्क प्लांट से पानी लाकर व पीकर अपनी व स्टाफ की प्यास बुझा रहे है। स्कूल में बिजली का कनेक्शन भी नहीं है। 

हांलाकि पानी की सुविधा के लिए स्कूल में वाटर टैंक व पानी की टंकी सहित स्कूल के प्रागण में एक सर्मीबल पंप लगाया हुआ है। लेकिन बिना बिजली के यह सब सफेद हाथी साबित हो रहा है। 

स्कल की इंचार्ज रजनी ने बताया की स्कूल में बिजली की व्यवस्था नहीं है। बिजली के कारण स्कूल में पानी की समस्या भी बनी हुई है। इस समस्या की वजह से बच्चे व स्टाफ परेशान है। 

उन्होंने बताया की स्कूल परिसर में बन रहे छात्रावास के लिए ठकेदार ने अपनी सुविधा के लिए जरनेटर लगाया हुआ है। जरनेटर चलने पर वह पीने के पानी के मटके भरकर स्टाफ व बच्चों की प्यास बुझा रहे है। 

जरनेटर नहीं चलने पर या खराबी होने पर उन्हें स्कूल से बाहर सड़क के साथ बने ढाबों व मिल्क प्लांट से पानी मंगवाना पड़़ रहा है। इस समस्या से विभाग के आला अधिकारियों को अवगत कराया हुआ है।

काबिलेगौर है की तावडू-नूंह सड़क पर 2 करोड़ की लागत से बने आरोही मॉडल स्कूल भवन का निर्माण कराया गया है। स्कूल भवन करीबन साढ़े 6 एकड़ जमीन पर बना है।

नवनिर्मित भवन में गत 14 जुलाई से कक्षाए आरम्भ की गई है। स्कूल में 144 छात्र छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रहे है। शैक्षणिक रूप से पिछडे़ खंड़ो में गुणवत्तापूरक शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए वर्ष 2011 में प्रदेश में 36 विशेष मॉडल स्कूल के तौर पर आरोही मॉडल स्कूलों की शुरूआत की गई थी।

इन स्कूलों में केन्द्रीय विद्यालयों की तर्ज पर सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने का दावा किया गया था। परंतु खंड़ तावडू का आरोही मॉडल स्कूल इन दावो की पोल खोल रहा है। 
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