परीक्षा और शैक्षिक प्रमाण-पत्र ना होने की वजह से हजारों छात्र-छात्राओं को रोजगार पाने में समस्या हो रही थी। अब भविष्य में छात्रों को इस तरह की समस्याओं का सामना नहीं करना पडे़गा, क्योंकि एकेटीयू की ओर से एक साफ्टवेयर तैयार किया जा रहा है।
इससे छात्र-छात्राओं द्वारा अपना नामांकन यूनिवर्सिटी की वेबसाइट पर डालने के तुरंत बाद उनकी समस्या का समाधान हुआ या नहीं और अगर नहीं हुआ है तो फिर से अपडेट करने के बाद तुरंत जवाब मिलेगा।
इसका ट्रायल मंगलवार से शुरू हो जाएगा और यूनिवर्सिटी स्टाफ इसका प्रशिक्षण लेना शुरू कर देगा। दरअसल, एकेटीयू की ओर से कई बार छात्र-छात्राओं की शैक्षिक दस्तावेज समेत अन्य समस्याओं को दूर करने के लिए कॉलेजों में हेल्प डेस्क खोले जाने का निर्देश जारी हुआ, मगर कई कॉलेजों ने हेल्प डेस्क नहीं खोली और लाख कोशिश करने के बाद भी छात्रों की समस्याएं कम होने का नाम नहीं ले रही थीं।
इसको लेकर एकेटीयू की ओर से कई बार कैंप भी लगाए गए, मगर यूनिवर्सिटी में समस्याओं को लेकर छात्र-छात्राओं की संख्या बढ़ती ही जा रही थी। अब यूनिवर्सिटी ने एक साफ्टवेयर तैयार कराया है, जिससे अंक पत्र, किसी दस्तावेज में संशोधन या फिर डिग्री आदि को लेकर जो भी समस्याएं हैं वह सभी दूर हो जाएंगी।
इस साफ्टवेयर के माध्यम से छात्रों को अपनी समस्या लिखने के लिए अपना नामांकन डालना होगा और फिर समस्या लिखनी होगी। इसके बाद छात्र की समस्या पर काम शुरू हो जाएगा। अबबाबू के पास कई दिनों तक छात्रों को भटकना नहीं पडे़गा।