एकेटीयू ने ऐसे सभी कॉलेजों को सख्त लहजे में फटकार लगाई है जिन्होंने पुराने छात्रों को ही इस बार नए सेशन को दिखाते हुए छात्रवृत्ति के लिए आवेदन कराया है।
इस निर्देश के बाद जिले के कुछ कॉलेजों में हलचल होने लगी है। यूनिवर्सिटी ने साफ-सफ शब्दों में चेतावनी दी है कि जिन कॉलेजों ने ऐसा किया है वह इसी सप्ताह आवेदनों को निरस्त करा दें।
दरअसल, एकेटीयू की ओर से दशमोत्तर छात्रवृत्ति एवं शुल्क पूर्ति के फार्म भरवाए थे। इसी का लाभ उठाते हुए कुछ कॉलेजों ने पुराने पास छात्रों के नाम से भी आवेदन कर दिए थे।
जब यूनिवर्सिटी की ओर इस डाटा को यूपी सरकार के लिए भेजने की तैयार की तो यूनिवर्सिटी के साफ्टवेयर ने कुछ छात्रों को गलत बताते हुए उनका पुराना रिकार्ड भी दिखा दिया।
इससे यूनिवर्सिटी को पता चला कि उत्तर प्रदेश समेत नोएडा-ग्रेटर नोएडा के कुछ कॉलेजों ने एक बार फिर से छात्रवृत्ति घोटाला करने की योजना बनाई है। मगर यूनिवर्सिटी साफ्टवेयर ने ऐसे कॉलेजों को अपने मंसूबे में कामयाब नहीं होने दिया।
यूनिवर्सिटी कुलपति प्रोफेसर विनय कुमार पाठक ने उन कॉलेजों को फटकार लगाई है, जिन्हें पुराने छात्रों केनाम से छात्रृवत्ति के लिए आवेदन कराया है।
उन्होंने हिदायत देते हुए कॉलेजों को एक सप्ताह में ऐसे सभी आवेदनों को विड्रा कराने के लिए कहा है। उधर, कुछ कॉलेजों का कहना है कि यह ऐसे छात्रों का आवेदन है, जो फेल हो गए हैं और वह इस बार फाइनल की परीक्षा में बैठेंगे। जबकि कुछ कॉलेजों का कहना है कि पुराना डाटा ही गलती से यूनिवर्सिटी को चला गया था। जिससे यह समस्या सामने आई है।