दिल्ली के प्रगति मैदान में शनिवार से किताबों के महाकुंभ का आगाज हो रहा है। नौ दिवसीय विश्व पुस्तक मेले में आम लोग देश-दुनिया की पुस्तकों से रूबरू होंगे। नेशनल बुक ट्रस्ट (एनबीटी) की तरफ से आयोजित एशिया के मेले में देश की सांस्कृतिक व साहित्यिक कार्यक्रमों की झलक मिलेगी।
महिला लेखन को प्रस्तुत करती मेले की थीम मानुषी है। इंडिया ट्रेड प्रमोशन आर्गेनाइजेशन (आईटीपीओ) के सहयोग से आयोजित होने वाले मेले में पहुंचने के लिए इस बार लोगों को 20 की जगह 30 रुपये खर्च करने होंगे।
एनबीटी अध्यक्ष बलदेव भाई शर्मा ने कांस्टीट्यूशन क्लब में मीडिया को जानकारी दी कि इस बार का पुस्तक मेला अपने आप में अनूठा होगा। एनबीटी के 60 वर्षों के सफर को दिखाते हुए 16 साल की बेस्टसेलर्स पुस्तकों का खास तौर से प्रदर्शन होगा।
बलदेव भाई शर्मा ने बताया कि मानुषी थीम का मकसद महिला लेखकों के लेखन में वैविध्य को दिखाना है। वहीं, महिला लेखकों की शैली को भी उभारा जाएगा। इसमें उपन्यास, कविता, सामाजिक विज्ञान, लोकोपयोगी विज्ञान बाल साहित्य आदि अलग-अलग शैलियों को प्रमुखता से दिखाया जाएगा। उन्होंने बताया कि 9 से 17 जनवरी के बीच आयोजित पुस्तक मेले का उद्घाटन केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय करेंगे।
इस मौके पर ज्ञानपीठ पुरस्कार विजेता ओडिशा लेखिका डॉ. प्रतिभा राय व यूरोपीय संघ के टोमाश कोजलौस्की भी मौजूद रहेंगे। इसके अलावा यूरोपीय संघ के प्रतिनिधिमंडल समेत बड़ी संख्या में लेखक व प्रकाशक भी हिस्सा लेंगे।
मेले में पहुंचना हुआ महंगा
इस बार पुस्तक प्रेमियों को इंट्री फीस के तौर पर ज्यादा खर्च करने होंगे। पिछली बार के 20 रुपये के टिकट की कीमत बढ़ाकर 30 रुपये कर दी गई है। जबकि बच्चों का टिकट 20 रुपये में मिलेगा। हालांकि स्कूली बच्चों, बुजुर्गों व दिव्यांगों का प्रवेश नि:शुल्क रहेगा। टिकट मेट्रो के स्टेशनों के साथ प्रगति मैदान के गेट नंबर 1, 2, 5, 7, 10 पर मिलेगा।
प्रकाशकों की संख्या इस बार हुई कम
इस बार प्रकाशकों की संख्या में भी कम हो गई है। पिछली बार के 1000 प्रकाशकों की जगह इस बार करीब 800 प्रकाशक मेले में मौजूद रहेंगे। वहीं पाकिस्तान का कोई प्रकाशक इसमें शिरकत नहीं कर रहा है। हालांकि, पाकिस्तानी पुस्तकों के डिस्ट्रीब्यूटर को जगह मिली है। इस बारे में शर्मा ने आईटीपीओ से अपील की कि वह पुस्तक मेले को शुल्क मुक्त कर दे। उन्होंने बताया कि जहां तक प्रकाशकों की संख्या कम होने का सवाल है तो हॉल नंबर-6 में निर्माण का काम चल रहा है। इससे जगह कम हो गई थी।
इस बार नहीं होगा कोई भागीदार देश
विश्व पुस्तक मेले में इस बार कोई भागीदारी देश नहीं होगा। हालांकि, यूरोपीय यूनियन के साथ करीब मेले में शिकरत कर रहे हैं। शर्मा ने इस बारे में बताया कि इस बार हमारी कोशिश एनबीटी के 60 के साल के सफर व मानुषी थीम पर जोर देने की है। इसलिए कोई भागीदार देश नहीं रखा गया।
एक नजर में पुस्तक मेला
- प्रगति मैदान में 9-17 के बीच विश्व पुस्तक मेला हो रहा आयोजित
- हॉल नंबर 14 व 18 में मिलेंगी बाल व शैक्षणिक पुस्तकें
- हॉल नंबर 8-11, 18 व हैंगर 18ए में होंगी सामान्य एवं व्यापार, विज्ञान व प्रौद्योगिकी तथा सामाजिक विज्ञान की पुस्तकें
- हॉल नंबर 7 ए, बी, सी में होंगे विदेशी प्रकाशक
- हॉल नंबर 12 व 12 ए में हिंदी व क्षेत्रीय भाषाओं की मिलेंगी पुस्तकें