दिल्ली सरकार की ओर से 97 निजी स्कूलों के निरीक्षण के विरोध में स्कूलों ने सरकार को स्कूल अनिश्चितकाल के लिए बंद करने की चेतावनी दी है। स्कूलों का विरोध चार्टर्ड अकाउंटेंट के पैनल बनाकर निरीक्षण कराने को लेकर है।
बच्चों, माता-पिता, मोबाइल नंबर व जाति, ट्यूशन फीस के संबंध में यह जानकारी चार्टर्ड अकाउंटेंट को उपलब्ध कराना अनिवार्य है। दिल्ली स्टेट पब्लिक स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष आर.सी जैन का कहना है कि यह किसी भी व्यक्ति की निजता के कानून का उल्लंघन है।
किसी भी स्कूल के लिए अभिभावकों की बिना मंजूरी के ऐसी जानकारी देना आसान नहीं है। उनका कहना है कि सरकार इस तरह से स्कूल के कामकाज में दखल दे रही है।
इस संबंध में उन्होंने मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री (शिक्षा मंत्री) व शिक्षा निदेशक को पत्र लिखकर इस नियम को हटाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ऐसा नहीं करती तो मुख्यमंत्री के घेराव के साथ-साथ स्कूलों को अनिश्चित काल के लिए बंद भी किया जा सकता है।
उन्होंने 97 स्कूलों को इस प्रकार की सूचना न देने की अपील की है। जल्द ही स्कूलों की बैठक में इस संबंध में सख्त निर्णय लिए जाएंगे।