हाईकोर्ट ने दक्षिणी दिल्ली के भाटी माइंस इलाके में एक सरकारी स्कूल में टीन की छत होने पर दिल्ली सरकार के प्रति नाराजगी जताई है। अदालत ने कहा कि आखिर इस माहौल में बच्चे कैसे पढ़ाई करेंगे।
कोर्ट ने दिल्ली सरकार को नोटिस जारी कर इस मामले में जवाब मांगा है। न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा ने सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि आप निजी स्कूलों के संसाधनों की जांच करते हैं, लेकिन अपने स्कूलों का ख्याल क्यों नहीं करते। सरकार को चार सप्ताह में पूरी स्थिति सहित विस्तृत जवाब दाखिल करने का निर्देश मिला है।
अदालत ने यह आदेश भाटी माइंस इलाके में स्थित दिल्ली सरकार के स्कूल में 10वीं में पढ़ने वाले एक छात्र के पिता की ओर से दाखिल याचिका पर दिया है। मामले की सुनवाई 15 दिसंबर तय हुई है। याचिका में स्कूल के बदतर स्थिति का हवाला देते हुए, उसे पक्का बनाने का निर्देश देने का आग्रह किया गया है।
कमरे भी कम, शिक्षक भी कम
याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अशोक अग्रवाल ने कहा कि इस स्कूल में करीब 2000 छात्र पढ़ते हैं। तुगलकाबाद बाद इलाके में स्थित एक अन्य सरकारी स्कूल में भी 1500 बच्चे टीन की छत के नीचे पढ़ाई करने पर मजबूर हैं।
अधिवक्ता ने कहा कि कक्षा छह से 12वीं के इस स्कूल में कमरे भी काफी कम हैं। इस कारण बच्चों को दो पाली में पढ़ाया जा रहा है। इतना ही नहीं, शिक्षक भी तय संख्या से काफी कम हैं और भर्ती नहीं की जा रही। ऐसे में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।