दिल्ली सरकार ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की दसवीं में दो बार फेल हुए छात्रों के लिए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग (एनआईओएस) में दाखिला दिलवाने का प्रोजेक्ट शुरू किया है।
प्रोजेक्ट की खास बात यह है कि अगर छात्र ने किन्हीं दो विषय को पास किया है तो उसका क्रेडिट उसे एनआईओएस प्रोजेक्ट में मिल जाएगा। क्रेडिट मिल जाने के कारण उसे उस विषय की परीक्षा नहीं देनी होगी।
शिक्षा निदेशालय ने विश्वास ग्रुप (एनआईओएस प्रोजेक्ट) के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। दिल्ली कैबिनेट ने बीते माह ही सीबीएसई मुख्य और सीबीएसई पत्राचार से फेल हुए बच्चों को एनआईओएस से पढ़ाने के कदम पर मुहर लगाई है।
इसके तहत पूरी दिल्ली में अलग-अलग सेंटर खुलेंगे। जबकि बच्चों का दाखिला एनआईओएस से होगा। वह नजदीकी सेंटर में पढ़ाई कर सकेंगे। इस व्यवस्था के अंतर्गत विषयों के क्रेडिट का लाभ भी है।
उदाहरण स्वरूप यदि कोई छात्र सीबीएसई पत्राचार में दो विषयों में पास हो चुका है तो उसे तीन विषयों में ही पास होने की जरूरत होगी। क्योंकि उसे दो विषयों का क्रेडिट मिल जाएगा। विषयों के लिए यह व्यवस्था की गई है।
दो भाषा, एक सामाजिक विज्ञान (अनिवार्य), साइंस एंड टेक्नोलॉजी, होम साइंस एंड प्रैक्टिकल पेटिंग के साथ प्रैक्टिकल। इनमें से छात्रों को दो भाषा, एक सामाजिक विज्ञान, व सोशल साइंस, होम साइंस व पेंटिंग में से विषयों का चयन करना होगा।
यदि किन्हीं विषयों में वह इस साल दसवीं की परीक्षा में पास हो चुका होगा तो उसे उसका लाभ मिल जाएगा। यदि इन विषयों की सूची के अलावा वह अन्य किसी भी विषय में पास हो चुका है तो भी उसका लाभ मिलेगा। छात्र को अपना क्रेडिट ट्रांसफर कराने के लिए प्रति विषय 150 रुपये का भुगतान करना होगा। दो से ज्यादा विषयों का क्रेडिट छात्र को नहीं दिया जाएगा।