सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की बड़ी संख्या में पद खाली हैं। फिर भी कई ऐसे शिक्षक हैं जिन्हें गैर-शिक्षण कार्यों में लगाया गया है। इनमें 25 प्रिंसिपल व 22 शिक्षक कानूनी काम में लगे हैं।
लिहाजा, सरकारी स्कूलों में पढ़ाई बाधित हो रही है। इस मामले पर ऑल इंडिया पैरेंट्स एसोसिशन ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की है।
एसोसिएशन की मांग है कि गैर-शिक्षण कार्यों में लगाए गए शिक्षकों को वापस स्कूल भेजा जाए। एसोसिएशन के राष्ट्रीय संयोजक अशोक अग्रवाल ने बताया कि सरकारी स्कूलों में 80 फीसदी स्कूलों में प्रिंसिपल के पद व पीजीटी के 7463 और टीजीटी के 13,623 पद रिक्त हैं।
इसके बावजूद बीते कई सालों से 25 प्रिंसिपल, 2 पीजीटी व 20 टीजीटी शिक्षकों को कोर्ट व अन्य कार्यों में लगाया हुआ है। इस कारण यह स्कूल नहीं जा पाते, जबकि अब ये स्कूल जाकर पढ़ाना चाहते हैं।