फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अतिथि अध्यापकों की पुनर्नियुक्ति से स्कूलों में लौटी रौनक

Sun, 21 Aug 2016 09:24 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
विज्ञापन
- फोटो : Getty
विज्ञापन
सर्वोच्च न्यायालय के आदेशानुसार अतिथि अध्यापकों को एक बार फिर से स्कूलों में ज्वाइन करवा दिया गया है। स्कूलों में नियुक्ति मिलने से जहां अतिथि अध्यापकों को रोजगार मिल गया है वहीं सरकारी स्कूलों में शिक्षा ग्रहण कर रहे बच्चों व अभिभावकों के चेहरे खिल उठे हैं।
विज्ञापन


अब बच्चों को शिक्षित करने के लिए ना केवल स्कूलों में शिक्षक मिल गए बल्कि विषयगत शिक्षकों की चल रही कमी पर भी काफी हद तक अंकुश लग गया। मेवात जिले में जिन सैकड़ों अतिथि अध्यापकों को हटा दिया गया था, उनमें से लगभग सभी अध्यापक फिर से उन्हीं स्कूलों में पहुंच गए।

अतिथि अध्यापकों के जिला प्रधान सतीश यादव ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेशानुसार शिक्षा विभाग द्वारा जो निर्देश जारी किए गए थे, उनका पालन करते  हुए अतिथि अध्यापकों ने फिर से स्कूलों में ज्वाइन कर लिया है।
विज्ञापन


पिछले दिसंबर में सरकार द्वारा जारी निर्देशानुसार जिन अतिथि अध्यापकों को स्कूल में तैनात किया गया था उनसे बाकायदा लिखित में लिया गया था कि उनकी सेवाएं राजकीय स्कूलों में 31 मार्च 2016 तक ही रहेंगी।

समयावधि पूरी होने पर अतिथि अध्यापकों को कार्य से मुक्त कर दिया था। इसके बाद अप्रैल में जिले भर से 149 अतिथि अध्यापकों को कार्य मुक्त किए जाने के साथ ही लगभग सभी स्कूलों में शिक्षकों की कमी सामने आई।

वहीं, राजकीय स्कूलों में शिक्षा ग्रहण करने वाले छात्रों की पढ़ाई पर न केवल विपरीत असर पड़ने लगा, बल्कि शिक्षकों की कमी को पूरा करने के लिए बच्चों व अभिभावकों द्वारा सरकार व शिक्षा विभाग से आग्रह किया जाने लगा। कई स्थानों से ग्रामीणों ने इस बारे में लिखित तौर पर विभागीय अधिकारियों को पत्र भी सौंपे।

दोबारा नियुक्ति पर जताया सरकार का आभार
हटाए गए सरप्लस अतिथि अध्यापकों की नियुक्ति पर हरियाणा अतिथि अध्यापक संघ ने सरकार का आभार जताया है। संघ के मेवात जिला प्रधान सतीश यादव ने कहा कि प्रदेश से हटाए गए गणित, सामाजिक और हिंदी के 3581 सरप्लस अतिथि अध्यापकों की दोबारा नियुक्ति पर वे सीएम व शिक्षा मंत्री का आभार व्यक्त करते हैं। सतीश यादव ने कहा कि अतिथि अध्यापकों की दोबारा नियुक्ति से हिंदी, गणित व सामाजिक विषयों की पढ़ाई दोबारा सुचारु रुप से शुरु हो सकेगी। 
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें