प्राथमिक विद्यालय की परीक्षा 24 मार्च को खत्म हो चुकी है। सर्व शिक्षा अभियान के तहत फेल न करने के प्रावधान की वजह से शिक्षा विभाग ने सभी प्राइमरी स्कूल को शुरू कर दिया है, ताकि एक अप्रैल तक छात्रों को अभ्यास कराया जा सके और वे अगली कक्षा में अच्छा प्रदर्शन कर सकें। लेकिन हरौला के प्राइमरी स्कूल की स्थिती कुछ और ही है। आगे देखें पूरा वीडियो...
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गिफ्ट पैक कर रहे थे बच्चे
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बदहाल नोएडा के स्कूल
- फोटो : लाल सिंह/अमर उजाला
यहां शिक्षकों की गैर मौजूदगी में छात्र ही एक-दूसरे को अभ्यास करा रहे हैं। अमर उजाला की टीम जब स्कूल में पहुंची तो किसी भी क्लास में शिक्षक नहीं थे।पहली कक्षा में ज्योति और खुशी नाम की छात्रा ही अपने सहपाठियों को पढ़ा रही थीं। दोनों ने बताया कि दो महीने से उनकी शिक्षक छुट्टी पर चल रही हैं। इस वजह से उनको ही पढ़ाना पड़ता है। छात्राओं ने बताया कि मैडम ने बोला है जिसको घर जाना है चले जाओ, वरना चुपचाप बैठ रहो।
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बच्चे के ऊपर बैठा टीचर का बेटा
- फोटो : लाल सिंह/अमर उजाला
बता दें कि हरौला के प्राइमरी स्कूल में 1680 बच्चे पढ़ते हैं। इन छात्रों को पढ़ाने के लिए 16 टीचर हैं, लेकिन किसी भी कक्षा में टीचर नहीं थीं। कक्षाएं खाली पड़ी थीं और बच्चे बाहर मैदान में खेल रहे थे। बच्चों ने बताया कि सुबह स्कूल आते हैं, कक्षा की सफाई करते हैं, फिर घर चले जाते हैं। पढ़ाने के लिए कोई नहीं है।
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टीचर नहीं यहां बच्चे ही अपने सहपाठियों को पढ़ाते हैं
- फोटो : लाल सिंह/अमर उजाला
स्कूल में एक जगह शिक्षिका बैठी हुई थीं और बच्चे गिफ्ट की पैकिंग कर रहे थे। जब इस बारे में स्कूल प्रबंधक से पूछा गया तो जवाब मिला कि बच्चों को गिफ्ट बांटने थे, इस वजह से पैकिंग करवाई जा रही है। हालांकि शिक्षक खुद ही सारा काम करते हैं। ज्यादा काम होने से बच्चों से करवाया जा रहा है।
रिजल्ट तैयार करने में व्यस्त
स्कूल की प्रिंसिपल किरण ने बताया कि अभी चार टीचर छुट्टी पर चल रही हैं। कुछ शिक्षक रिजल्ट तैयार करने में थोड़ा व्यस्त हैं। छात्रों की संख्या को देखते हुए टीचर की संख्या कम है। एक अप्रैल से व्यवस्था ठीक हो जाएगी। वहीं, बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रवेश यादव ने बताया कि इस तरह की शिकायतें कई जगह से आ रही हैं। मैं खुद एक स्कूल में गया था, जहां पर टीचर बच्चों से काम करवा रही थीं। वहां पर टीचर को फटकार लगाई गई हैं। अब शहर के स्कूलों में जाकर औचक निरीक्षण किया जाएगा।