महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय से संबंधित शहर के कॉलेजों में पहली कटऑफ के आधार पर दाखिला प्रक्रिया तेज हो गई है। शुक्रवार को दाखिले के लिए कॉलेजों में खासी भीड़ रही। दूसरे दिन करीब 40 फीसदी छात्रों ने दाखिले लिए। आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन होने की वजह से महीनेभर वीरान रहे कॉलेजों में रौनक दिखाई दी।
डीयू के बाद एमडीयू में दाखिले की दौड़ तेज हो गई है। जिन्हें डीयू में दाखिला नहीं मिला वो अब शहर के कॉलेजों में प्रयास कर रहे हैं। इस बार डीयू की हाई कटऑफ के चलते शहर के हजारों छात्र दिल्ली में पढ़ाई के सपने को पूरा नहीं कर पाए। यही वजह है कि इस बार जिले के सात कॉलेजों की कुल आठ हजार सीटों पर 35 हजार से ज्यादा छात्रों ने ऑनलाइन आवेदन किया है। बृहस्पतिवार को पहली कटऑफ लिस्ट जारी हुई थी।
पिछले साल के मुकाबले पहली कटऑफ ने इस बार 15 फीसदी की छलांग लगाई है। जिसके चलते शहर के कॉलेजों में भी दाखिले के लिए कंपीटीशन टफ हो गया है। नहेरू कॉलेज के नोडल ऑफिसर भरत ने बताया कि पहली सूची के तहत 40 फीसदी विद्यार्थियों ने दाखिला पक्का करवा लिया है।
इसमें सबसे अधिक दाखिले बीकॉम, बीबीए, बीए और बीएससी नॉनमेडिकल में हुए हैं। उधर, डीएवी कॉलेज में भी दाखिला के लिए मारा मारी रही। विद्यार्थियों ने फीस चालान जमा कर अपनी सीट पक्की की। अभी तक 250 से अधिक विद्यार्थी प्रवेश ले चुके हैं।
10 जुलाई तक दाखिला
इस बार कटऑफ तय तिथि से एक दिन लेट जारी हुई। जिसकी वजह पहली कटऑफ के दाखिले की अंतिम तिथि भी एक दिन बढ़ा दी गई है। यानी पहली कटऑफ के दाखिले 9 जुलाई की जगह 10 जुलाई शाम 4 बजे तक होंगे।
बीएससी नॉनमेडिकल में बढ़ा रुझान
कॉमर्स के साथ इस बार साइंस में दाखिले का रुझान बढ़ा है। बीएससी नॉनमेडिकल में सबसे अधिक आवेदन हुए हैं। राजकीय महिला कॉलेज में 89.2 से 73.2, नेहरू कॉलेज में 88 से 72.8, डीएवी में 87 से 77.6, अग्रवाल कॉलेज में 89.2 से 76.4, तिगांव कॉलेज में 85 और दयानंद कॉलेज में 88.4 से 78.4 तक के विद्यार्थियों को जगह दी गई है। दूसरी कटऑफ में भी एक से दो फीसदी ही गिरावट आने की संभावना है।
सर्वर ने किया परेशान
सर्वर डाउन होने के चलते दाखिला प्रक्रिया धीमी रफ्तार से चली। जिसके चलते छात्र काफी परेशान रहे। दाखिले के लिए उमड़ी भीड़ को कंट्रोल करने में कॉलेजों को खासी मशक्कत करनी पड़ी।