दिल्ली विश्वविद्यालय के कॉलेजों में दाखिला पाना जितना मुश्किल है उतना ही कठिन है कॉलेज के हॉस्टल में सीट पाना। डीयू में दाखिले के बाद रहने का खर्च उठाना छात्रों के लिए सबसे महंगा सौदा होता है। ऐसे में ज्यादातर छात्र हॉस्टल में सीट पाने की चाहत रखते हैं। मगर 64 में से सिर्फ 16 कॉलेजों में हॉस्टल की सुविधा आवेदकों की कतार को लंबा कर देती है।
डीयू के 16 कॉलेजों और अपने हॉस्टल मिलाकर कुल 3624 सीटें है। इसमें कॉलेजों की 2970 सीटें जबकि डीयू का अपने एक अंडरग्रेजुएट गल्र्स हॉस्टल में कुल 630 सीटें है। कॉलेजों में सीटों का अलाटमेंट दाखिला हो जाने के बाद मिलता है। इसके लिए अलग से आवेदन लिया जाता है। फिर मेरिट के आधार और कॉलेज के अपने नियमों के आधार पर हॉस्टल सीट अलॉट की जाती है। उन आवेदकों को बिल्कुल हॉस्टल नहीं मिलता है, जिनके अभिभावक दिल्ली में रहते है।
डीयू में लड़कियों के हॉस्टल की सुविधा लड़कों के मुकबले अधिक है। लड़कियों के लिए हॉस्टल में कुल 2065 सीटें है जबकि लड़कियों के लिए 905 सीटें है। 16 में 8 कॉलेज ऐसे है, जिसमें सिर्फ लड़कियों के लिए हॉस्टल है। चार ऐसे है जिसमें लड़के और लड़कियों दोनों के लिए हॉस्टल है। महज तीन कॉलेज हंसराज, हिंदू, किरोड़ीमल में सिर्फ लड़कों के लिए हॉस्टल उपलब्ध है।
हॉस्टल अलॉटमेंट में भी लागू होता है आरक्षण
हॉस्टल अलॉटमेंट में भी आरक्षण की व्यवस्था लागू होती है। 15 फीसदी सीटें एससी और 7.5 फीसदी सीटें एसटी वर्ग के लिए आरक्षित होती है। इनकी मेरिट भी सामान्य वर्ग से अलग बनता है। 3 फीसदी सीटें दिव्यांगों के लिए आरक्षित होती है। इसके अलावा डीयू के अपने 654 सीटों वाले हॉस्टल में 30 सीटें विदेशी छात्रों के लिए आरक्षित होती है।
फैक्ट फाइल:
16 कॉलेजों में हॉस्टल की सुविधा है।
09 कॉलेजों में सिर्फ लड़कियों के लिए हॉस्टल
630 सीट वाला डीयू का अपना अलग हॉस्टल है।
30 सीट फॉरेन स्टूडेंट के लिए रिजर्व है।
कॉलेज हॉस्टल की सीट
कॉलेज पुरुष महिला
डीडीयू कॉलेज 90 90
दौलतराम - 203
हंसराज 202 -
हिंदू 225 -
आईपी कॉलेज - 500
केएमसी कॉलेज 180 -
एलएसआर कॉलेज - 295
लेडी इरविन - 170
रामजस 80 116़
एसआरसीसी 53 145
वेकंटेश्वर 75 72
खालसा कॉलेज - 147
महाराजा अग्रसेन - 58
केशव महाविद्यालय - 78
शहीद राजगुरू कॉलेज - 119