दिल्ली विश्वविद्यालय में मास्टर ऑफ अंग्रेजी पाठ्यक्रम की सीटों में की गई तीन फीसदी की कटौती का विरोध शुरू हो गया है। सोमवार को आइसा के बैनर तले विद्यार्थियों ने नॉर्थ कैंपस में प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने डीन छात्र कल्याण प्रो राजेश टंडन को कुलपति के नाम एक ज्ञापन भी दिया।
आइसा की डीयू इकाई की अध्यक्ष कंवलप्रीत कौर के मुताबिक बीते साल तक मास्टर ऑफ अंग्रेजी (एमए) में 425 विद्यार्थियों का दाखिला हुआ था। इस बार सीट में कटौती की गई और इस बार केवल 299 विद्यार्थियों का ही दाखिला हुआ।
कंवलप्रीत के मुताबिक शिक्षकों को सूचना दिए बिना सीट में कटौती का फैसला किया गया। सीट कटौती के फैसले से बड़ी संख्या में विद्यार्थी दाखिले से वंचित होंगे। पिछड़े वर्ग के विद्यार्थियों को यह नुकसान ज्यादा होगा।
आइसा ने कुलपति से मांग की है कि सीट कटौती के फैसले को वापस लिया जाए। पीजी में सीटों की संख्या बढ़ाए जाने की बजाए सीटों की संख्या में कमी कर दी गई है। पहले जेएनयू में शोध पाठ्यक्रमों में 8 फीसदी सीटों की कटौती की गई अब डीयू में इस तरह से किया जा रहा है।
मिरांडा हाउस कॉलेज की एक छात्रा बेबीलोना केमुताबिक स्नातकोत्तर(पीजी) पाठ्यक्रमों में सीटों की पहले ही कमी है। जबकि पीजी में आवेदन करने वाले विद्यार्थियों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।