जामिया मिलिया इस्लामिया कैंपस में शनिवार से एक विशेष कार्यशाला शुरू हुई। जिसमें 22 से ज्यादा देशों के छात्र पत्रकारिता के गुर सीखने पहुंचे हैं। दस दिवसीय इस कार्यशाला का आयोजन विदेश मंत्रालय द्वारा एजेके मास कम्युनिकेशन रिसर्च सेंटर में करवाया जा रहा है।
खास बात यह है इस दौरान दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में भारतीय राजनीति की भी जानकारी दी जाएगी। कार्यशाला का उद्घाटन जामिया के कुलपति प्रोफेसर तलत अहमद ने किया।
कुलपति प्रो. अहमद ने इस मौके पर कहा कि पत्रकारिता का स्वरूप बदलता जा रहा है। उस पर कॉरपोरेट का वर्चस्व बढ़ने से आर्थिक पहलू ज्यादा प्रभावी हो गया है। ऐसे में पत्रकारों पर विवेकपूर्ण और निष्पक्ष पत्रकारिता की जिम्मेदारी पहले से कहीं ज्यादा बढ़ गई है।
कार्यशाला में नाइजीरिया, अंगोला, दक्षिण अफ्रीका, मारीशस, सेशल्स, मिस्र, जिंबाब्वे सहित अफ्रीका के 22 से ज्यादा देशों के 29 छात्र हिस्सा ले रहे हैं। विदेश मंत्रालय में वेस्ट अफ्रीका डिविजन के डायरेक्टर दीपक पाठक ने कहा कि अफ्रीका दुनिया का उभरता हुआ महाद्वीप है और भारत विश्व की उभरती हुई बड़ी अर्थव्यवस्था है।
ऐसे में दोनों एक-दूसरे के सहयोग को रफ्तार दे सकते हैं। भारत और अफ्रीकी देशों के बीच व्यापार 100 अरब डालर तक पहुंच चुका है जो उसका चौथा सबसे बड़ा कारोबारी साझेदार है।