फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

छात्रों, दिव्यांगों, बुजुर्गों और महिलाओं को फ्री बस यात्रा की सौगात

Mon, 19 Dec 2016 02:31 PM IST
अखिलेश कुमार/अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
विज्ञापन
दिल्ली सरकार छात्रों, बुजुर्गों, दिव्यांगों और महिलाओं को फ्री बस यात्रा का मौका जल्द दे सकती है। उपराज्यपाल नजीब जंग की तरफ से बसों का किराया कम करने की योजना पर काम करने का निर्देश बेशक 16 दिसंबर को दिया गया, लेकिन परिवहन विभाग पहले से ही सस्ते बस सफर की तैयारी में जुटा है।
विज्ञापन


हालांकि सस्ती या निशुल्क यात्रा कितने दिन तक दी जाएगी, इस पर फैसला उपराज्यपाल की अध्यक्षता वाली बैठक में ही लिए जाने की संभावना है। परिवहन मंत्री सत्येंद्र जैन ने एक बैठक में विभाग को निर्देश दिया था कि बसों में यात्रा फ्री करने को लेकर अध्ययन करके प्रस्ताव तैयार करें।

लेकिन केंद्रीय मोटर वाहन अधिनियम में टिकट या किराये की अनिवार्यता और खजाने से डीटीसी व क्लस्टर बसों के लिए सालाना 1800 करोड़ रुपये की भरपाई की वजह से रियायती बस पास की योजना पर काम की बात मंत्री ने स्वीकार की। तर्क यह भी दिया गया कि 2010 से बस और मेट्रो किराया नहीं बढ़ा है।
विज्ञापन
Trending Videos

महिलाओं को भी मिल सकती है फ्री सर्विस

डीटीसी बस
सूत्र बताते हैं कि अधिनियम, मोटी भरपाई और सर्दी में बस यात्रियों में कमी की वजह से प्रस्ताव में कुछ परिवर्तन की तैयारी है। मसलन परिवहन मंत्री ने 21 वर्ष तक के छात्रों, बुजुर्गों, दिव्यांगों और यहां तक की महिलाओं को फ्री सर्विस देने पर काम करने को कहा है।

इसके अलावा 21 वर्ष से ऊपर के छात्रों से मात्र 25-30 फीसदी किराया वसूलने के अलावा बाकी बची सामान्य श्रेणी से भी 25-50 फीसदी किराया वसूली के प्रस्ताव पर तैयारी चल रही है। उपराज्यपाल ने कम से कम 2 महीने सस्ती सेवा की बात कही है।
विज्ञापन

बस सेवा दुरुस्त करने से बढ़ेगा सार्वजनिक वाहनों का इस्तेमाल

dtc bus - फोटो : अमर उजाला
दिल्ली सरकार के अधिकारी बताते हैं कि 6 साल से किराया नहीं बढ़ाए जाने और सस्ता किराया करने को लेकर वित्त व योजना विभाग की आपत्तियां हो सकती हैं। लेकिन उपराज्यपाल के निर्देश और प्रदूषण का हवाला दिए जाने से लोगों को सस्ते बस सफर की संभावनाएं बढ़ती दिख रही हैं।

हालांकि सार्वजनिक परिवहन से जुड़े विशेषज्ञ यह भी आशंका जता रहे हैं कि निजी वाहन का इस्तेमाल बसों के महंगे किराये की वजह से नहीं, बल्कि खराब सेवा और बसों की कमी के कारण ज्यादातर लोग करते हैं। बसों की संख्या बढ़ाने और सेवा दुरुस्त करने से सार्वजनिक वाहनों का इस्तेमाल बढ़ेगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें