दिल्ली विश्वविद्यालय के खालसा कॉलेज की ओर से पहली मेरिट लिस्ट निकालने में हुई चूक का खामियाजा एक बार फिर छात्रों को भुगतना पड़ा। इसका नतीजा यह रहा कि छात्रों व अभिभावकों ने कॉलेज में जमकर हंगामा किया।
इस हंगामे के चलते प्रिंसिपल ऑफिस के बाहर हुई तोड़फोड़ में आफिस का दरवाजा भी तोड़ दिया गया। छात्रों का आरोप है कि नॉर्थ कैंपस स्थित गुरु तेग बहादुर खालसा कॉलेज ने अपनी पहली मेरिट लिस्ट वापस नहीं ली और अधिक अंक वालों की जगह कम अंक वाले छात्रों को दाखिला दे दिया।
इन छात्रों का आरोप था कि कॉलेज की जारी लिस्ट में मेरिट में कम अंक वालों को जगह दी गई थी। इस बात को लेकर छात्र व अभिभावकों ने कॉलेज में आपत्ति भी की थी।
बड़ी संख्या में छात्र बृहस्पतिवार को इस बात की शिकायत लेकर डीन स्टूडेंट वेलफेयर भी पहुंचे थे। शनिवार को पहली मेरिट लिस्ट के दाखिलों का आखिरी दिन था।
उन्हें पता चला कि कॉलेज ने अधिक अंक वालों की बजाए कम अंक वालों के दाखिले कर लिए हैं। इस पर छात्रों ने अभिभावकों के साथ खूब हंगामा किया। बताया जा रहा है कि हंगामे के चलते कॉलेज को पुलिस भी बुलानी पड़ी।
छात्रों के समर्थन में छात्र संगठन एनएसयूआई के कार्यकर्ता भी कॉलेज पहुंच गए। एनएसयूआई नेता वरुण खारी ने बताया कि बीकॉम पास, बीकॉम ऑनर्स व बीए में दाखिले के लिए लगभग 24 ऐसे छात्र हैं जो कि दाखिला पाने के योग्य हैं लेकिन उन्हें दाखिला नहीं दिया गया।
कॉलेज प्रशासन से बात करने पर भी कोई हल नहीं निकला। अब इस मामले को लेकर डीन स्टूडेंट वेलफेयर लेकर गए हैं, वहां से राहत नहीं मिलती तो सोमवार से आंदोलन शुरू करेंगे।