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डीयू: फंड रोके जाने से शिक्षक-छात्र भड़के

Tue, 01 Aug 2017 09:37 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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दिल्ली सरकार द्वारा वित्त पोषित 28 कॉलेजों का फंड रोके जाने का मामला गरमा गया है। डीयू में सरकार के इस फैसले का विरोध शुरू हो गया है। फैसले के विरोध में मंगलवार को शिक्षक व छात्र सड़क पर उतर आए।
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छात्रों ने कैंपस में प्रदर्शन करते हुए उपमुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया का पुतला फूंका। वहीं डूटा अध्यक्ष डॉ. नंदिता नारायण ने कुलपति को पत्र लिखकर इन कॉलेजों में जल्द प्रबंध समिति (गवर्निंग बॉडी) गठित करने की मांग की है।

डीयू में मंगलवार को एबीवीपी व डूसू के बैनर तले छात्रों ने आर्ट्स फैकल्टी के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद एबीवीपी कार्यकर्ताओं व छात्रों ने उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया का पुतला भी फूंका।
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उल्लेखनीय है कि दिल्ली सरकार से वित्त पोषित 28 कॉलेजों में से 12 कॉलेजों को 100 फीसदी, 16 कॉलेजों को 5 फीसदी अनुदान दिया जाता है। सरकार ने अब यह अनुदान देने से मना कर दिया है।

एबीवीपी प्रदेश मंत्री भरत खटाना ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार के इस फैसले के कारण इन कॉलेजों में पढ़ने वाले 75 फीसदी छात्र प्रभावित हो रहे हैं। छात्रों के साथ शिक्षक व कर्मचारी भी प्रभावित होंगे। दिल्ली सरकार ने चुनाव के दौरान 2 नए कॉलेज खोलने की बात कही थी।

नए कॉलेज तो खोले नहीं, अब इन कॉलेजों का अनुदान बंद करने की तैयारी कर रही है। डूसू अध्यक्ष अमित तंवर ने कहा कि यह सांकेतिक प्रदर्शन है। यदि यह फैसला वापस नहीं लिया जाता तो बड़ा आंदोलन होगा।

दूसरी ओर शिक्षक संगठन एनडीटीएफ (नेशनल डेमोक्रेटिक टीचर फ्रंट) की ओर से भी कैंपस में इस फैसले के विरोध में धरना दिया गया। शिक्षक नेता व कार्यकारी परिषद सदस्य प्रो. एके भागी के अनुसार, दिल्ली सरकार ने शिक्षक और कर्मचारियों के साथ-साथ छात्र विरोधी फैसला लिया है।

एनडीटीएफ ने इस फैसले पर विरोध जताते हुए कहा कि सरकार का यह फैसला न्यायोचित नहीं है। कॉलेजों में प्रबंध समितियों का गठन नहीं हुआ, तो इसमें शिक्षक, कर्मचारियों व छात्रों का क्या दोष है।

इसका असर उन कॉलेजों पर पड़ेगा, जिन्हें सरकार की ओर से 100 फीसदी फंड दिया जाता है। संगठन ने सरकार से यह फैसला वापस लेने की मांग की है। साथ ही कहा है कि प्रबंध समितियों में ऐसे सदस्यों को नहीं रखा जाए, जिनके खिलाफ कोई मामला हो। वहीं डूटा अध्यक्ष नंदिता नारायण ने कुलपति को पत्र लिखकर जल्द ही प्रबंध समिति गठित करने को कहा है।
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