एकेटीयू ने पिछले दिनों करीब 20000 फर्जी शिक्षकों को कॉलेजों में तैनात पाया था। ये ऐसे शिक्षक हैं, जो एक-दो नहीं बल्कि कई-कई कॉलेजों में काम कर रहे हैं। मगर अब ऐसा नहीं हो सकेगा।
फर्जी नियुक्ति पर सख्ती बरतते हुए एकेटीयू ने सभी कॉलेजों से शिक्षकों के पेन कार्ड और आधार नंबर मांगा है। इसके बाद एक शिक्षक एक ही कॉलेज में पढ़ा सकेगा। इसी साल शैक्षिक सत्र की शुरुआत में यूनिवर्सिटी ने शिक्षकों का सत्यापन किया था।
इस दौरान प्रदेश के इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट के कॉलेजों में 20000 शिक्षक फर्जी पाए गए थे। इनमें कॉलेजों ने शिक्षकों के दस्तावेज लगाकर अध्यापकों की संख्या पूरी कर मोटी रकम बचा रहे थे, वहीं छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा था।
शिक्षकों ने भी अपने शैक्षिक दस्तावेज कई कॉलेजों में दे रखे थे। एकेटीयू के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने कहा कि पिछले दिनों कुछ कॉलेजों में फर्जी शिक्षकों के बारे में पता चला था।
इसे रोकने और मानक के अनुसार कॉलेजों में शिक्षक तैनात कराने के लिए कॉलेजों से शिक्षकों का पेन और आधार संख्या मांगी गई है। इससे पता लगाया जा सकेगा कि कॉलेज में कोई फर्जी नियुक्ति तो नहीं हुई।