दिल्ली सरकार ने अभिभावकों की सहूलियत के लिए निजी स्कूलों पर सख्ती कर रखी है। लेकिन अब ये सख्ती स्कूलों के लिए बड़ी परेशानी बन रही है और यही वजह है कि खुद को चलता रखने के लिए अपने यहां पढ़ने वाले छात्रों के अभिभावकों को चिट्ठी लिखनी पड़ी है।
यह बात है दक्षिण दिल्ली के ब्लू बेल्स इंटरनेशनल स्कूल की। स्कूल ने चिट्ठी में लिखा है कि अस्थाई तौर पर अभिभावक उतनी ही फीस भरें जितनी स्कूल ने बढ़ा दी थी। स्कूल ने ये भी लिखा है कि अगर ऐसा नहीं किया गया तो स्कूल अनौपचारिक रूप से बंद किया जा सकता है।
दरअसल दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय ने स्कूलों को सख्त आदेश दिया है कि वह अपनी मर्जी से फीस नहीं बढ़ा सकते हैं। चिट्ठी में लिखा है, 'शिक्षा निदेशालय के आदेश का पालन करने पर स्कूल भारी घाटे में चला जाएगा। इसकी वजह से पिछले 6 दशकों से चल रहा स्कूल अनौपचारिक रूप से बंद भी हो सकता है।'
इस खत से बच्चों के अभिभावक दुविधा में हैं कि अब वह क्या करें। अगर फीस नहीं भरी तो कहीं सच में स्कूल बंद हो गया तो उनके बच्चों का क्या होगा।
इस मामले में स्कूल ने दिल्ली हाईकोर्ट की शरण ली है। स्कूल ने अदालत में कहा कि उन्हें फीस बढ़ाने से पहले शिक्षा निदेशालय की इजाजत लेने की जरूरत नहीं है। शिक्षा निदेशालय ने अपना पक्ष नहीं रखा है इसलिए अभी इस मामले पर कोई फैसला नहीं आया है।