दिल्ली विश्वविद्यालय का स्कूल ऑफ ओपन लर्निग बीपीएल छात्रों की ग्रूमिंग कर उन्हें 'स्मार्ट' बनाने जा रहा है। इसके लिए पायलट प्रोजेक्ट स्तर पर शॉर्ट टर्म ट्रेनिंग प्रोग्राम का खाका तैयार किया गया है। जिसकी शुरुआत फरवरी-मार्च में होगी। इस प्रोग्राम के तहत उन्हें न केवल आत्म जागरुक, किया जाएगा बल्कि उनके पारस्परिक कौशल, संचार कौशल को भी निखारा जाएगा।
एसओएल में देशभर से लगभग छह हजार छात्र बीपीएल से आते हैं। इन छात्रों की ग्रूमिंग करा कर उन्हें स्मार्ट बनाने के पीछे मकसद उन्हें इस तरह का बनाना है, जिससे कि उन्हें न केवल नौकरी पाने में दिक्कत न हो बल्कि उनकी झिझक भी दूर हो जाए। फिलहाल बीए प्रोग्राम, बीकॉम प्रोग्राम, बीकॉम ऑनर्स, बीए ऑनर्स, अंग्रेजी ऑनर्स, राजनीति विज्ञान ऑनर्स के अंतिम वर्ष के छात्रों को यह ट्रेनिंग प्रदान की जाएगी। शनिवार व रविवार को दो बैच में यह ट्रेनिंग छात्रों को मिलेगी।
खास बात यह है कि नि:शुल्क दी जाने वाली इस ट्रेेनिंग के अंतर्गत उन्हें आत्म जागरुकता, पारस्परिक कौशल, संचार कौशल, लक्ष्य निर्धारण, बिजनेस प्रोसेस, उद्यमी रोल मॉडल जैसी बारीकियों की जानकारियां दी जाएंगी।
एसओएल प्रशासन के मुताबिक इस तरह से छात्र यदि प्रशिक्षत होंगे तो उनके व्यक्तित्व में निखार आएगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए 90 फीसदी उपस्थिति की अनिवार्यता रखी गई है। एसओएल वेबसाइट पर उपलब्ध कराए गए फॉर्मेट के आधार पर छात्रों को 100 शब्दों का एक लेख 31 जनवरी तक बीपीएल प्रमाणपत्र के साथ भेजना होगा।