दिल्ली विश्वविद्यालय के रेगुलर कॉलेजों में सेमेस्टर परीक्षाएं शुरू हो गई हैं, वहीं अब तक स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग में कक्षाएं ही नहीं शुरू हो सकी हैं। इसके विरोध और बेहतर शैक्षणिक सुविधाओं की मांग को लेकर मंगलवार को क्रांतिकारी युवा संगठन के बैनर तले विद्यार्थियों ने नॉर्थ कैंपस स्थित एसओएल बिल्डिंग पर प्रदर्शन किया।
दरअसल, एसओएल में न तो कक्षाएं शुरू हुईं हैं और ना हीं पाठ्य सामग्री जारी की गई है। विद्यार्थियों का कहना है कि पहले सितंबर तक सत्र शुरू कर दिया जाता था लेकिन बीते दो सालों से लापरवाही बरती जा रही है।
इसकी वजह से उनके भविष्य पर सीधा असर पड़ रहा है। यही नहीं देरी से कक्षाएं शुरू होने के कारण उनके लिए निर्धारित 20 कक्षाओं में भी कटौती कर दी जाती है। इस कारण पाठ्यक्रम पूरा नहीं हो पाता है। इस वजह से रिजल्ट भी प्रभावित होता है।
विद्यार्थियों ने पढ़ाई के लिए अनुकूल माहौल बनाने को लेकर एसओएल के कार्यकारी निदेशक एच. सी. पोखरियाल को ज्ञापन सौंपा। क्रांतिकारी युवा संगठन दिल्ली राज्य समिति सदस्य हरीश गौतम के अनुसार, ज्ञापन में पीसीपी सेंटर्स में सभी क्लासरूम में छात्रों की कक्षाएं चलाई जाएं, पर्याप्त शिक्षकों की नियुक्ति हो, पीसीपी सेंटर्स में मौजूद वाई-फाई, लाइब्रेरी, कंप्यूटर लैब प्रयोग करने की सुविधा दी जाने की मांग की गई है।
साथ ही सभी रूट पर बस पास की सुविधा, पाठ्य सामग्री जल्द से जल्द उपलब्ध कराने की भी मांग की गई है। हरीश गौतम के मुताबिक, कार्यकारी निदेशक ने मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया है। साथ ही बस पास को लेकर तुरंत डीटीसी को पत्र लिखने की बात कही है।