दिल्ली विश्वविद्यालय स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग में शैक्षणिक सत्र शुरू हुए लगभग चार महीने बीत चुके हैं, लेकिन अब तक विद्यार्थियों को पाठ्यसामग्री नहीं दी गई है।
दरअसल, विद्यार्थियों को टैबलेट व च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम लागू करने की योजना ने पाठ्यसामग्री दिए जाने में देरी करा दी है। अब प्रशासन ने दिसंबर के पहले सप्ताह में इसे उपलब्ध कराने का फैसला किया है। खास बात यह है कि कुछ सुधारों के साथ विद्यार्थियों को किताबें पढ़ने को मिलेंगी।
एसओएल में इस चालू सत्र से विद्यार्थियों को टैबलेट देने की योजना थी। टैबलेट की मदद से पढ़ाई कराए जाने के कारण प्रशासन ने किताबों की छपाई नहीं करवाई। उधर, प्रशासन की इस योजना को गवर्निंग बॉडी से मंजूरी नहीं मिल पाई। जिसकी वजह से किताबें मिलने में देरी हुई।
वहीं, च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम लागू करने की तैयारी थी, लेकिन यह योजना भी परवान नहीं चढ़ सकी। कैंपस ऑफ ओपन लर्निंग निदेशक प्रो. सी. एस दुबे ने कहा कि छात्र हित में अब जल्द से जल्द पाठ्यसामग्री दे दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि पोस्ट ग्रेजुएट (पीजी) की पढ़ाई सेमेस्टर में होने के कारण विद्यार्थियों को फोटोकॉपी कराकर सामग्री दे दी गई है। अब पहले, दूसरे व तृतीय वर्ष के छात्रों को भी यह देंगे। पाठ्यसामग्री में कुछ सुधार की जरूरत थी लिहाजा उसमें सुधार के बाद छापने का ऑर्डर दिया जा चुका है।