दिल्ली विश्वविद्यालय में नए शैक्षिक सत्र की शुरुआत हो गई है। वहीं छठी कटऑफ के दाखिले समाप्त होते ही बीते दो माह से जारी दाखिला प्रक्रिया पर भी विराम लग गया है। हालांकि छठी कटऑफ के बाद भी रिजर्व कैटेगिरी के लिए कुछ सीटें खाली हैं। वहीं सीए के एंट्री लेवल (कॉमन प्रोफिशेंसी टेस्ट) के नतीजे भी शुक्रवार को घोषित हुए हैं। ऐसे में प्रशासन को लग रहा है कि कुछ सामान्य की सीटें फिर से खाली हो सकती हैं।
सीटें खाली रहने की सूरत में प्रशासन सातवीं कटऑफ निकालने पर विचार कर रहा है। यह कटऑफ इस माह के अंत में ही निकाले जाने की संभावना है। डीयू दाखिला प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, छठी कटऑफ तक लगभग 56 हजार दाखिले हो गए हैं, लेकिन अब भी कुछ सीटें खाली हैं। यह सीटें ज्यादातर रिजर्व कैटेगिरी की ही हैं। इनमें कुछ सीटें ही सामान्य श्रेणी के लिए हैं। वहीं सीए का रिजल्ट आने के कारण कुछ सीटें और खाली होने की संभावना है। इन सीटों को भरना जरूरी है।
छात्र बीती कटऑफ में लगातार दाखिले रद्द कराकर एक कॉलेज से दूसरे कॉलेज चक्कर लगाते रहे। लिहाजा अब प्रशासन चाहता है कि पहले छात्र एक जगह सेट होकर अपनी पढ़ाई शुरू करें। ऐसा होने के बाद ही प्रशासन सातवीं कटऑफ निकालने की सोचेगा। इससे यह होगा कि जिन छात्रों का दाखिला कहीं नहीं हो पाया, उन्हें दाखिला पाने का अवसर मिल सकेगा।
अब तक कॉलेजों में यह हो रहा था कि जिस छात्र को जहां दाखिले का अवसर मिल रहा था, वह ही एक कॉलेज से दूसरे कॉलेज चक्कर लगा रहा था। इस कारण से जिन्हें दाखिले का अवसर चाहिए था, उन्हें नहीं मिल पा रहा था। वहीं इस बार डीयू की वास्तविक कटऑफ निकाले जाने का प्रयोग सफल रहा। इससे कॉलेजों में खूब दाखिले हुए और 11-12 कटऑफ निकालने की नौबत नहीं आई। बीते कई साल में 10 कटऑफ से ज्यादा आती रही हैं।