राजधानी में निजी स्कूलों को अपने यहां प्रिंसिपल की भर्ती के लिए चयन समिति में दिल्ली स्कूल शिक्षा अधिनियम (डीएसईआर) के नियमों का पालन करना होगा। शिक्षा निदेशालय ने सभी निजी स्कूल प्रमुखों व संचालकों को ऐसा करने के लिए कहा है। निदेशालय ने इस संबंध में सर्कुलर जारी कर साफ कर दिया है कि वे दिल्ली स्कूल शिक्षा अधिनियम 1973 से बंधे हैं लिहाजा उन्हें अधिनियम के नियम 96 (3) का पालन करना होगा।
दरअसल, बीते 21 दिसंबर को सीबीएसई ने संबद्धता नियम में 25 (2) में संशोधन करते हुए कहा था कि निजी स्कूलों में प्रिंसिपल की भर्ती के लिए चयन समिति का गठन करना होगा। इस कमेटी में सोसाइटी अध्यक्ष, मैनेजिंग कमेटी अध्यक्ष, सीबीएसई अध्यक्ष की ओर से नामित सदस्य, राज्य सरकार की ओर से एक नॉमिनी, बोर्ड की सलाह से मैनेजिंग कमेटी की ओर से नामित एक शिक्षाविद् होना जरूरी है।
जिसके बाद अब शिक्षा निदेशालय ने राजधानी के सभी निजी स्कूलों को कहा है कि यह चयन समिति दिल्ली स्कूल शिक्षा अधिनियम 1973 के 96 (3) के प्रावधानों के विपरीत है। दिल्ली के निजी स्कूल दिल्ली स्कूल शिक्षा अधिनियम 1973 के प्रावधानों का पालन करने से बंधे हैं। दरअसल अब तक स्कूलों की अपनी चयन समिति होती है जिसमें सरकार का एक नॉमिनी होता है।