नोएडा-ग्रेटर नोएडा के कई कॉलेजों के छात्र कोर्स पूरा करने के बाद भी अपनी सिक्योरिटी मनी वापस लाने के लिए धक्के खा रहे हैं। कॉलेजों द्वारा बहाने बनाकर छात्रों को टकरा दिया जाता है। कुछ छात्रों ने इस मामले की शिकायत एकेटीयू के कुलपति से की है।
छात्रों के मुताबिक इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट कोर्स में दाखिले के दौरान कॉलेज प्रबंधन सिक्योरिटी मनी लेता है। जो छात्र हॉस्टल नहीं लेते हैं उनसे 5 से 10 हजार रुपये जमा कराए जाते हैं। जबकि हॉस्टल के छात्रों से 15 हजार रुपये लिए जाते हैं।
छात्रों को बताया जाता है कि यह सिक्योरिटी मनी डिग्री पूरा करने के बाद वापस दे दी जाएगी। मगर ज्यादातर मामलों में छात्र-छात्राएं कोर्स पूरा कर लेते हैं और डिग्री आदि लेने के बाद अपनी सिक्योरिटी मनी मांगते हैं तो कॉलेज प्रबंधन तरह-तरह के बहाने बनाने शुरू कर देते हैं।
किसी छात्र पर लेट फी तो किसी पर अटेंडेंस कम होने का चार्ज लगा दिया जाता है। जबकि अधिकतर छात्रों को समय पर प्रबंधन का अधिकारी न होने का बहाना बनाया जाता है तो कभी नो ड्यूज न होने का कारण बताकर रुपये वापस नहीं दिए जाते हैं।
ऐसे में छात्र थक हारकर सिक्योरिटी मनी को छोड़कर अपने घर लौट जाते हैं और कॉलेजों की यह छात्रों वापस लौटाने की छोटी-छोटी बातें ही करोड़ों रुपये के वारे न्यारे कर देती हैं। इस मामले की शिकायत छात्रों द्वारा एकेटीयू के कुलपति से की है।
जारी है जांच
शिकायत मिली है कि कुछ कॉलेज सिक्योरिटी मनी वापस नहीं करते हैं और छात्रों को परेशान करते हैं। ऐसे सभी कॉलेजों की जांच कराई जा रही है।यदि लापरवाही सामने आई तो उन पर कार्रवाई की जाएगी। - प्रो. विनय कुमार पाठक, कुलपति एकेटीयू