देशभर में सीबीएसई से संबंद्ध स्कूलों की मनमानी फीस बढ़ोतरी को नियंत्रित करने के लिए बोर्ड ने लगाम लगाई है। सीबीएसई ने निजी स्कूलों को जारी फरमान में कहा है कि वह फीस बढ़ाने की शिकायत मिलने पर स्कूलों का ऑडिट करेगा।
शिकायत सही पाए जाने पर स्कूल की संबद्धता भी रद्द की जा सकती है। वहीं बोर्ड ने कैपिटेशन फीस वसूलने व डोनेशन की शिकायत मिलने पर कैपिटेशन फीस का 10 गुना जुर्माना लगाने का प्रावधान किया है।
यदि स्कूल छात्र के लिए स्क्रीनिंग (इंटरव्यू व बातचीत) प्रक्रिया अपनाता है तो पहले उल्लंघन करने पर 25 हजार व दूसरी बार उल्लंघन करने पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगेगा।
सीबीएसई के संबद्धता निदेशक की ओर से जारी जानकरी के अनुसार, स्कूल बच्चों से मनमाने तरीके से फीस वसूल रहे हैं। बोर्ड को लगातार इस तरह की शिकायतें मिल रही हैं कि स्कूल फीस मसले पर मनमाना रवैया अपनाए हुए हैं।
इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए बोर्ड ने स्कूलों को एडवाइजरी जारी की है। इसमें बोर्ड के बायलॉज का पालन करने के लिए कहा गया है। एडवाइजरी में कहा गया है कि स्कूलों को नियमों के मुताबिक खाता विवरण तैयार करना होगा और बोर्ड के नियमों के अनुसार उसे हर साल बोर्ड को भेजना होगा।
स्कूलों को कहा गया है कि वह उपलब्ध कराई जा रही सुविधा के अनुरूप ही फीस लें। साथ ही स्कूल दाखिले के नाम पर किसी तरह की केपिटेशन फीस व स्वैच्छिक डोनेशन नहीं ले सकते हैं।
यदि स्कूल ऐसा करते पाए जाते हैं तो उनके सख्त कार्रवाई करते हुए संबद्धता भी रद्द की जा सकती है। सीबीएसई ने सख्ती से कहा है कि स्कूल सत्र के मध्य में फीस नहीं बढ़ा सकते। फीस रिवाइज्ड करने के लिए स्कूल प्रशासन अभिभावक की सलाह जरूर लें।