जम्मू-कश्मीर के उड़ी में आतंकवादियों द्वारा किए गए कायराना हमले में शहीद हुए 20 जवानों के प्रति श्रद्धांजलि व उनके परिवारों के प्रति संवेदना लगातार लोगों के गुस्से के रुप में उभरकर सामने आ रही है।
जगह-जगह प्रदर्शन व पाकिस्तान विरोधी नारेबाजी आम देखी जा रही है। बुधवार को नूंह के दि वेस्टवुड स्कूल में कश्मीर उड़ी में आतंकी हमले में मारे गए शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि दी गई।
इस मौके पर स्कूल की प्रिंसिपल आसमा चौधरी ने सभी छात्रों को उड़ी कश्मीर के आर्मी बेस पर हुए आतंकी हमले की विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि भारत की सुरक्षा के लिये काम करने वाले 17 सैनिक इस आतंकी हमले में शहीद हो गए। जिनकी आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया।
जिस तरह से देश में आतंकवाद बढ़ता जा रहा है वो हमारे देश के लिए भारी खतरा है अगर सरकार ने आतंकवादी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए तो हमारी आजादी फिर से खतरा में जा सकती है।
इसलिए सभी छात्र व टीचर्स ने भारत सरकार से मांग की है कि पड़ोसी देश पाकिस्तान की नापाक हरकतों पर पुर्ण रुप से पाबंदी लगाई जाए अन्यथा पूरे विश्व की शांति खत्म हो जाएगी।
प्रिंसिपल आसमा चौधरी ने मुस्लिम समाज से अपील की है कि धर्म की आड़ में इन्सानियत के कतल करने वाले किसी भी आतंकवादी संगठनों का बहिष्कार करें क्योंकि ये देश विरोधी और इस्लाम विरोधी हैं।
जो चंद मुट्ठी भर शैतान लोग पूरी दुनिया में इस्लाम धर्म को बदनाम कर रहे हैं। क्योंकि इस्लाम का मतलब अमन शांति है ना कि दहशतगर्दी।
आज जरूरत है नौजवानों को आगे आकर इस प्रकार की बुराइयों को रोकने के लिये सामाजिक चेतना जगाने के लिए काम करना चाहिए।
दि वेस्टवुड स्कूल के चैयरमेन खुर्शीद राजाका ने अपने संदेश में कहा कि आज के छात्रों को जरूरत है देश भक्ति के जज्बे को और अधिक मजबूत करने की, ताकि एक अपराध मुक्त व दंगा मुक्त समाज का निर्माण हो सके।