जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में यूजीसी नोटिफिकेशन 2016 के चलते छात्रों को सीट कटौती का नुकसान नहीं होगा। क्योंकि करीब तीन सौ से अधिक शिक्षकों के खाली पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू हो गयी है।
शिक्षकों की भरती होने से पिछले वर्ष तक जितने छात्र एमफिल व पीएचडी प्रोग्राम में दाखिला लेते हैं, उससे दोगुने छात्रों को दाखिला मिलेगा। खास बात यह है कि इन खाली शिक्षकों के पदों में से दो सौ से अधिक सीट अनुसूचित जाति-जनजाति के लिए आरक्षित हैं।
मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडेकर ने राज्यसभा सांसद शरद यादव के सवाल के जवाब में कहा कि सरकार जेएनयू छात्रों के साथ खड़ी है। यूजीसी नोटिफिकेशन 2016देशभर के अन्य विश्वविद्यालयों में पहले से लागू है, जिसे जेएनयू अब इस सत्र से लागू कर रहा है।
इस नई व्यवस्था से जेएनयू में एमफिल और पीएचडी प्रोग्राम की सीटों में कोई कटौती नहीं होने जा रही है। सरकार उच्च शिक्षा में गुणवत्ता में सुधार में लगातार काम कर रही है। इसी गुणवत्ता में सुधार के लिए यूजीसी समय- समय पर दिशा-निर्देश जारी करता रहता है।
इसी नोटिफिकेशन में पीएचडी और एमफिल पाठ्यक्रमों के प्रवेश के लिए परीक्षा का प्रावधान किया गया है। इसके तहत शोध छात्र और गाइड के अनुपात में बदलाव किया गया है, ताकि गुणवत्ता में सुधार हो सके। पिछले वर्ष यदि 970 रिसर्च स्कॉलर्स दाखिला लेते थे, वहीं, इस नई व्यवस्था और शिक्षकों के खाली पदों को भरने के बाद यह संख्या दोगुनी तक हो जाएगी।