दिल्ली विश्वविद्यालय से संबद्ध रामानुजन कॉलेज ने मेडिकल इंशयोरेंस व दुर्घटना बीमा के नाम पर पहले वर्ष के विद्यार्थियों की फीस में बढ़ोतरी कर दी है। कॉलेज ने 15 हजार से 18 हजार तक की फीस को बढ़ाकर 23-28 हजार कर दिया है।
फीस बढ़ोतरी के विरोध में छात्र संगठन एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने खूब हंगामा किया। फीस बढ़ोतरी के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन करते हुए बढ़ोतरी वापस लेने की मांग की।
प्रदर्शन के बाद एबीवीपी के प्रतिनिधिमंडल ने कॉलेज उपप्रधानाचार्य से मुलाकात भी की। मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने फी वृद्धि से संबंधित नकारात्मक पक्षों को रखा तथा कॉलेज प्रशासन से इस अप्रत्याशित फीस वृद्धि के निर्णय को वापस लेने की मांग की।
कॉलेज प्रिंसिपल डॉ एस.पी अग्रवाल ने बताया कि कुछ विद्यार्थियों को ऐसा लगता है कि यह फीस बढ़ोतरी सभी के लिए है। उन्होंने स्पष्ट किया कि फीस में बढ़ोतरी केवल पहले वर्ष के विद्यार्थियों के लिए की है।
वह भी खासकर मेडिकल व दुर्घटना बीमा कराने केलिए की गई है। जिससे कि विद्यार्थियों को भविष्य में बेहतर सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने स्पष्ट किया कि दूसरे व तीसरे वर्ष के विद्यार्थियों को बीते साल के समान ही फीस का भुगतान करना है।
उन्होंने कहा कि यदि कोई विद्यार्थी फीस नहीं दे सकता तो वह कॉलेज प्रशासन से संपर्क कर सकता है। हम ऐसे मामलों पर शीघ्र विचार कर फीस में 50 फीसदी तक की रियायत देंगे।
एबीवीपी केप्रदेश मंत्री सिद्धार्थ यादव ने कहा कि डीयू के कई कॉलेजों में 50 फीसदी से अधिक की फीस वृद्धि की गई है जो कि अनुचित है। उन्होंने कहा कि हमारे संघर्ष की आज रामानुजन कॉलेज में जीत हुई है । हम डीयू के जिन दूसरे कॉलेजों में अप्रत्याशित फीस वृद्धि हुई है वहां भी प्रदर्शन करेंगे।