दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (एसओएल) में अब परीक्षाओं की तैयारी के लिए दूसरी सामग्री पर निर्भर नहीं रहना होगा। एसओएल छात्रों के लिए एक ऐसा क्वेश्चन बैंक तैयार करने में जुटा है, जो कि उन्हें पढ़ाई में मददगार बनेगा।
इससे एसओएल में पढ़ाने वाले शिक्षकों की मदद ली जा रही है। प्रशासन ने सभी शिक्षकों को पांच से दस अतिरिक्त क्वेश्चन तैयार कर भेजने को कहा है। इन्हें एकत्र कर जल्द ही ऑनलाइन उपलब्ध करा दिया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि एसओएल में लगभग 1500 शिक्षक पढ़ाते हैं। इस तरह से यदि पांच क्वेश्चन भी शिक्षक तैयार करता है तो 7,500 सवाल उपलब्ध हो जाएंगे। कैंपस ऑफ ओपन लर्निंग निदेशक प्रो सी एस दुबे ने बताया कि शिक्षकों को कहा गया है कि सवालों के साथ वह कुछ प्रजेंटेशन भी तैयार करें इसे डैशबोर्ड के माध्यम से ऑनलाइन उपलब्ध करा दिया जाएगा।
प्रश्नों का भंडार एकत्र होने के कारण परीक्षा के दौरान अतिरिक्त नोट्स व कुंजी का इस्तेमाल कम हो सकेगा। इस तरह से वह अपनी परीक्षा की तैयारी को ठीक प्रकार से कर सकेेंगे। चूंकि डिजिटल का दौर चल रहा है लिहाजा बड़ी संख्या में लिखित सामग्री ऑनलाइन ही छात्रों को उपलब्ध होगी। उन्होंने बताया कि शिक्षकों से यह भी पूछा गया है कि क्या वह इस तरह से ऑडियो-वीडियो लेक्चर भी दे सकते हैं या नहीं।