राज्यों की यूनिवर्सिटी को विदेशी यूनिवर्सिटी के साथ तालमेल कर संयुक्त कोर्स के लिए केंद्र सरकार की ओर से ढील देने के साथ ही हरियाणा की सरकारी और प्राइवेट यूनिवर्सिटी इसकी तैयारी में जुट गईं हैं। सरकारी यूनिवर्सिटी एमडीयू (महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी) भी इसके लिए अलग-अलग कोर्स की तैयारी में जुट गई है और इसके लिए जल्द ही कमेटी बनाने का विचार किया है।
गुड़गांव में 8 प्राइवेट यूनिवर्सिटी हैं। प्राइवेट यूनिवर्सिटी का पहले से ही कॉलेजों के साथ करार है, लेकिन बंदिशों की वजह से प्राइवेट यूनिवर्सिटी विदेशी यूनिवर्सिटी के साथ मिलकर कोर्स संचालित नहीं कर पाती थीं। केंद्र सरकार ने यूजीसी (यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन) के नियमों में थोड़ा बदलाव किया है।
अब राज्य के विश्वविद्यालय यूजीसी में किसी भी विदेशी संस्थान के साथ समन्वय का एमओयू साइन करने की अर्जी दे सकते हैं। बता दें कि अभी तक यूजीसी में इस तरह के एमओयू के लिए अर्जी लगाने का अधिकार सिर्फ विदेशी संस्थानों के पास था, लेकिन अब राज्य के विश्वविद्यालय भी अर्जी लगा सकते हैं।
एसजीटी यूनिवर्सिटी के प्रो-चांसलर डॉ. टीडी डोगरा ने कहा कि इस फैसले से विदेशी विश्वविद्यालयों में शिक्षा के लिए पलायन करने वाले छात्रों को भारत में ही उच्च शिक्षा ग्रहण करने के अवसर प्राप्त होंगे। कोर्स शुरू करने के लिए सभी विभागों के डीन से कहा गया है। इसके बाद इंटरनल कमेटी के सामने संबंधित कोर्स व यूनिवर्सिटी को लेकर विभागीय डीन की रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी। विदेशी विश्वविद्यालयों के साथ सहभागिता से भारतीय विश्वविद्यालयों में अनुसंधान एवं शैक्षणिक पद्धति में बदलाव आएगा।
एमडीयू के कुलपति प्रो. बिजेन्द्र कुमार पूनिया ने अब यूनिवर्सिटी प्रतिष्ठित विदेशी शिक्षण संस्थानों के साथ ट्विनिंग प्रोग्राम प्रारंभ करने की योजना बना रही है। एक समिति का गठन कर ट्विनिंग प्रोग्राम की बारीकियों पर विचार किया जाएगा और इसकी रूपरेखा तय की जाएगी। बता दें कि एमडीयू ने जापान के इंस्टीट्यूट ऑफ ह्यूमनिटी रिसर्च, क्युशु यूनिवर्सिटी, यूएसए के यूनिवर्सिटी ऑफ मैसाचुसेट्स एमहर्स्ट के साथ शैक्षणिक एवं शोध सहभागिता के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किया हुआ है। फिलहाल, किसी प्रकार का ट्विनिंग प्रोग्राम नहीं है।